भुवनेश्वर, 19 जनवरी (हि.स.)। बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक अरविंद महापात्र और सनातन महाकुड़ के निलंबन को लेकर पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच, निष्कासित बीजद नेता श्रीमयी मिश्रा ने एक बार फिर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर खुलकर निशाना साधा है।
सोमवार को श्रीमयी मिश्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों विधायकों के निलंबन के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी “अनुशासन” के नाम पर इन विधायकों को भ्रष्ट और गद्दार के रूप में पेश कर रही है। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर पार्टी में “असली गद्दार” कौन है।
अपने पोस्ट में मिश्रा ने बीजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को अप्रत्यक्ष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ही फैसलों के जाल में फंस गए हैं। हालांकि उन्होंने पटनायक को एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता बताया, लेकिन यह भी आरोप लगाया कि उनका गैर-ओड़िया तत्वों के प्रति झुकाव ओड़िशा की जनता का अपमान कर रहा है।
मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी की कमान ऐसे लोगों को सौंप दी गई है, जिन्हें उन्होंने “फर्जी तपस्वी” बताया। उनके मुताबिक, इससे वर्षों की मेहनत से खड़ी की गई पार्टी संगठन की जड़ों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर निलंबन निष्पक्षता के आधार पर किया गया है, तो फिर पार्टी ने विधायकों के खिलाफ सबूत सार्वजनिक क्यों नहीं किए।
इसके अलावा, मिश्रा ने पार्टी नेतृत्व पर एक “तमिल दंपत्ति” को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह कदम ओड़िया अस्मिता को कमजोर करने की कोशिश है और यह “राजनीति नहीं, बल्कि ओड़िशा की जनता को मानसिक रूप से आहत करने का प्रयास” है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
