कोलकाता, 20 जनवरी (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के लाेकसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी 27 जनवरी को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल से मुलाकात के लिए कोलकाता स्थित सीईओ कार्यालय जाएंगे। इस दौरान उनके साथ पार्टी के 10 नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी रहेगा।
तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने मंगलवार को बताया कि सीईओ से मुलाकात के लिए ई-मेल के माध्यम से आवेदन भेजा गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब एक दिन पहले ही पार्टी ने उच्चतम न्यायालय के उस आदेश को बड़ी जीत बताया था, जिसमें निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को निर्देश दिए गए हैं कि पश्चिम बंगाल में मतादाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ श्रेणी में रखे गए मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी हो और इससे नागरिकों को अनावश्यक तनाव व असुविधा न हो।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, ई-मेल में बैठक के एजेंडे का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इसमें केवल इतना कहा गया है कि अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए सीईओ कार्यालय का दौरा करेगा।
गौरतलब है कि, 31 दिसंबर, 2025 को अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से भी मुलाकात की थी, जहां उनके साथ 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद था। उस बैठक के बाद उन्होंने ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के नाम पर लोगों को परेशान किए जाने का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने यह मांग भी की थी कि सुनवाई केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट-2 (बीएलए-2) को उपस्थित रहने की अनुमति दी जाए।
सोमवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा एसआईआर प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग को दिए गए निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा का “एसआईआर खेल” अब खत्म हो चुका है। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को अदालत में हार मिली है और आने वाले दिनों में उसे चुनावों में भी पराजय का सामना करना पड़ेगा।——————-
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
