मीरजापुर, 20 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद में जमालपुर क्षेत्र के गौरी गांव में आयोजित पांच दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के विश्राम दिवस पर मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। वृंदावन से आईं कथा वाचिका पं. रश्मि मिश्रा ने धनुष यज्ञ और परशुराम संवाद की मार्मिक कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथा पंडाल में बार-बार उठते जय श्रीराम और राधे-राधे के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कथा में पं. रश्मि मिश्रा ने राम नाम की महिमा का विस्तार से वर्णन बताया। उन्हाेंने कहा कि प्रभु का नाम जपने से जीवन का कल्याण होता है और समाज में सद्भाव व संस्कारों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन के मूल्यों को समझने की कुंजी है और शिक्षा के बल पर ही समाज, संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण संभव है।
धनुष यज्ञ प्रसंग में उन्होंने बताया कि सच्ची शक्ति बाहुबल में नहीं, बल्कि धैर्य, संयम और सत्य में निहित होती है। परशुराम संवाद के माध्यम से भगवान श्रीराम द्वारा प्रदर्शित धीरज, धर्म और मर्यादा को उन्होंने आज के समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कहा कि अहंकार को तोड़ने के लिए बल नहीं, बल्कि नम्रता और मर्यादा की आवश्यकता होती है।
इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख आनंद सिंह बंटू, ग्राम प्रधान विभा सिंह, गुड्डू सिंह, रामविलास चौबे, बबलू चौबे, हरिवंश सिंह, किशोर सिंह, प्रमोद तिवारी, दिनेश यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
