तंजावुर, 26 जनवरी (हि.स.)। तंजावुर जिले के सेंगिपट्टी के पास स्थित तिरुमलैसमुद्रम क्षेत्र में आज “वेल्लुम तमिल पेंगल” (विजयी तमिल महिलाएं) डीएमके डेल्टा ज़ोन महिला मोर्चा सम्मेलन आयोजित हुआ। इस सम्मेलन की अध्यक्षता डीएमके उप महासचिव और संसदीय डीएमके दल की नेता कनिमोझी ने की।
डीएमके के मुख्य सचिव और नगर प्रशासन मंत्री के.एन. नेहरू की उपस्थिति में हुए इस सम्मेलन में डीएमके महिला मोर्चा की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शामिल हुए और संबोधित भी किया।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अपने संबोधन में कहा, “जाति उन्मूलन और महिला मुक्ति के लिए संघर्ष करने वाले पेरियार थे। स्वाभिमान विवाह की शुरुआत करने वाले अन्ना थे। पेरारिग्नार अन्ना के मार्ग पर चलने वाले करुणानिधि ने महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिलाया।
पुलिस और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने वाले करुणानिधि थे। न्याय पार्टी की सरकार में ही महिलाओं को पहली बार मतदान का अधिकार मिला। महिलाओं के लिए सामाजिक न्याय छात्रावास और ‘थोझी’ छात्रावास द्रविड़ मॉडल सरकार ने खोले हैं।
17 लाख महिला स्वयं सहायता समूहों को हजारों करोड़ रुपये का बैंक ऋण दिया गया है। यह ऐसी सरकार है जो महिलाओं की जरूरतें पूछे बिना ही पूरा करती है। जाति उन्मूलन ही द्रविड़ आंदोलन की नीति नहीं है, महिला मुक्ति भी उसका लक्ष्य है।
तंजावुर द्रविड़ आंदोलन का किला है। यह महान राजा राजराज चोल की धरती है। यहां डीएमके महिला मोर्चा की ‘डेल्टा फोर्स’ महिलाओं ने सेना की तरह स्वागत किया। तमिलनाडु की रक्षा करना ‘वेल्लुम तमिल पेंगल’ की जिम्मेदारी है।
घर, डीएमके और देश—तीनों की रक्षा के लिए महिला शक्ति एकजुट हुई है। महिलाएं हमेशा पावर हाउस रही हैं। डीएमके की योजनाओं का प्रचार महिला मोर्चा की कार्यकर्ता घर-घर जाकर करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV
