बाल्टी में आग जलाकर सोये थे फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर
एक युवक अनुज की दो माह पहले ही हुई थी शादी
हिसार, 26 जनवरी (हि.स.)। सदर क्षेत्र के गांव ढंढूर में फर्नीचर फैक्ट्री
में हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। बताया
जा रहा है कि ये पांचों फैक्ट्री में लोहे की बाल्टी में आग जलाकर कमरा बंद करके सोये
थे कि दम घुटने से यह हादसा हो गया। उनका साथी कमरे में आया तो ये पांचों उसे बेसुध
मिले।
हादसे की सूचना मिलते ही पांचों को जिले के नागरिक अस्पताल लाया गया तो डॉक्टरों
ने तीन को मृत घोषित कर दिया। मरने वालों में एक युवक की दो माह पहले ही शादी हुई थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत नागरिक अस्पताल व ढंढूर गांव पहुंची और जांच शुरू
की। तीनों का मंगलवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। बताया जा रहा है कि ढंडूर गांव स्थित
एक फर्नीचर फैक्ट्री में उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ के रहने वाले अनुज, अमरजीत, शिवा,
संजय और अंबेडकर नगर निवासी साहिल पांच दिन पहले ही काम करने आए थे। गणतंत्र दिवस की
छुट्टी होने के कारण सोमवार को फैक्ट्री में कोई काम नहीं था, इसलिए पांचों कमरे में
सोए हुए थे।
सोमवार दोपहर तक तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और बाहर की लाइट भी जलती
रही तो पास के क्वार्टर में रहने वाले फैक्ट्री कर्मी आशुतोष को शक हुआ। आशुतोष ने
आसपास के अन्य कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद कमरे की ऊपर बनी कांच की खिड़की
से झांक कर देखा गया, जहां पांचों लोग बेसुध हालत में पड़े मिले। कर्मचारियों ने खिड़की
का शीशा तोड़ा और अंदर पानी डाला। अनुज, साहिल और अमरजीत की मौत हो चुकी थी, जबकि शिवा
और संजय की सांसें चल रही थीं। इसके बाद तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी
गई। घटना की सूचना मिलने पर एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंची और सभी पांचों को हिसार के
सिविल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद तीन को मृत घोषित कर दिया, जबकि
दो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। आशुतोष ने बताया
कि जब वे लोग शीशा तोड़कर अंदर गए तो एक लोहे की बाल्टी में आग जली हुई थी। कमरा अंदर
से बंद था। आग की वजह से अंदर गैस बन गई और इनका दम घुट गया। अनुज की नवंबर में ही
शादी हुई थी। पुलिस मामले की जांच में लगी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर
