जयपुर, 28 जनवरी (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण में बुधवार को ट्रेफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था, पार्किंग, जक्शन सुधार सहित अन्य मामलों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए शहर में अब जो भी प्रोजेक्ट तैयार होंगे उससे पहले विशेषज्ञों की राय ली जाएगी, ताकि आमजन को ज्यादा से ज्यादा राहत दी जा सकें और किसी भी प्रोजेक्ट की महत्ता पर सवाल खड़े ना हो। जेडीसी सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में जेडीए के मंथन सभागार में ट्रेफिक कन्ट्रोल बोर्ड की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न एजेण्डों पर विचार-विमर्श कर निर्णय लिए गए।
बैठक में एडिशनल कमिश्नर (ट्रेफिक), सचिव जेडीए, आयुक्त नगर निगम , आयुक्त परिवहन विभाग, डीसीपी ट्रेफिक, जेडीए के अभियांत्रिकी निदेशक-प्रथम एवं द्वितीय, निदेशक आयोजना, अतिरिक्त मुख्य अभियंता – सदस्य सचिव टीसीबी, मुख्य सतर्कता अधिकारी नगर निगम , मुख्य अभियंता राजस्थान आवासन मण्डल, मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन, स्मार्टसिटी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, जेएमआरसी, निगम अधिकारी, मेट्रो, जेसीटीएसएल, रीको के अधिकारी एवं मुस्कान एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि अब शहर में यातायात से जुड़ा कोई भी विकास कार्य बेतरतीब ढंग से नहीं किया जाएगा अपितु हर परियोजना वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विषय विशेषज्ञों की राय पर आधारित होगी। जेडीए अधिकारियों को इसके लिए विशेष रूप से यातायात विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों की टीमों को देश के अन्य शहरों में भेजकर वहां के सफल ट्रैफिक मॉडलों का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए जिससे बेहतरीन समाधानों एवं उपायों को जयपुर शहर में लागू किया जा सके। बैठक में प्रशासनिक और तकनीकी सब कमेटियों के गठन का निर्णय लिया गया है जो छोटे समूहों में बैठक कर विस्तृत चर्चा करेंगी और आगामी बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। प्रशासनिक सब कमेटी में सचिव-जेडीए चेयरपर्सन, सदस्य- अतिरिक्त आयुक्त भूमि जेडीए, आयोजना शाखा जेडीए, ट्रेफिक पुलिस, परिवहन विभाग, नगर निगम जयपुर एवं राजस्थान हाउसिंग बोर्ड होंगे। जिसका कार्य क्षेत्र में भूमि, अतिक्रमण, विभागीय समन्वय, आयोजना शाखा से संबंधित प्रकरणों पर निर्णय लेंगे। तकनीकी सब कमेटी में निदेशक अभियांत्रिकी प्रथम – जेडीए चेयरपर्सन, सदस्य- नगर निगम जयपुर, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड, ट्रेफिक पुलिस एवं सदस्य सचिव – टीसीबी होंगे। जिसका कार्य क्षेत्र अरबन कॉरिडोर, मीडियन कट्स, यू-टर्न (आरओबी/आरयूबी के नीचे), सर्किल एवं अन्य से संबंधित संबंधित प्रकरणों पर निर्णय लेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में जेडीए, नगर निगम, यातायात विभाग और जेसीटीएसएल को अलग-अलग न होकर एक संयुक्त टीम के रूप में कार्य करने के लिए निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में शहर की सड़कों को न केवल आवागमन का रास्ता मानकर उन्हें अर्बन सिस्टम और कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जाने के निर्देश प्रदान किए गए। जिसमें सड़कों के चौड़ीकरण और जंक्शन सुधार के साथ-साथ सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जाएगा। बैठक में महल रोड पर यातायात के दबाव का विश्लेषण किया गया और सांगानेर फ्लाईओवर के नीचे यू-टर्न सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया जिसकी डिजाइन विशेषज्ञों द्वारा तय की जाएगी। पार्किंग समस्या का खोजा जाएगा समाधान, बढ़ेगा शुल्क बैठक में पार्किंग की समस्या को गंभीरता से लेकर बोर्ड ने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से गौरव टावर (जीटी) क्षेत्र और चिह्नित 84 अन्य स्थानों पर स्वीकृत बिल्डिंग मैप की जांच की जाएगी। पार्किंग में पेडेस्ट्रेयिन एवं टू व्हीलर के लिए कॉरिडोर विकसित करने के निर्देश दिए गए। जेडीए और नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि व्यावसायिक इमारतों में पार्किंग के लिए आरक्षित जगहों से अतिक्रमण हटाया जाए ताकि वाहन सड़कों पर खड़े न हों।
इसके अलावा नगर निगम को पीक आवर्स के दौरान पार्किंग दरें बढ़ाने और अलग-अलग स्थानों के लिए विशेष पार्किंग नीति तैयार करने को कहा गया है। निजी बसों की पार्किंग समस्या के हल के लिए शहर के खाली भूखंडों की पहचान कर उन्हें उचित दरों पर उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है साथ ही सड़कों के किनारे होने वाली पार्किंग को कम करने पर जोर दिया गया है।
नगर निगम द्वारा अनुमोदित मैरिज गार्डन में 25 प्रतिशत भूमि पार्किंग के लिए आरक्षित की जाती है। इस आरक्षित पार्किंग को केवल पार्किंग उपयोग में लिए जाने के लिए मैरिज गार्डन को पाबंद किया जाए। इसके साथ ही अन्य वाणिज्यिक,होटल, अन्य स्थानों का सर्वे करवाया जाकर पार्किंग निर्धारित स्थल पर ही करवाया जाना सुनिश्चित करवाया जाए।
सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बस स्टॉप्स को चौराहों से उचित दूरी पर स्थापित करने और अनाधिकृत स्थानों पर बस रोकने वालों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। स्कूलों के सामने बने डिवाइडर कट्स को लेकर निर्णय लिया गया कि वे केवल स्कूल के आने और जाने के समय ही खोले जाएंगे और बाकी समय सुरक्षा की दृष्टि से बंद रहेंगे। पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए लिफ्ट की सुविधा वाले कॉरिडोर बनाने पर विचार किया गया एवं फुट ओवरब्रिज के उपयोग को लेकर सर्वे कराने पर चर्चा हुई।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर ग्रीन जंक्शन विकसित करने और मीडियन्स पर पौधारोपण करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही यातायात प्रबंधन में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग की संभावनाएं तलाशने और वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं जिससे शहर की यातायात व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा सके। जेडीए द्वारा अधिकृत ट्रेफिक मैनेजमेंट कंसलटेंट फर्म अदित इंजीनियर्स गु्रप द्वारा हरे कृष्णा मार्ग, महल रोड को अरबन रोड कॉरिडोर पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। जिसमें किस तरह से मेजर चौराहों एवं तिराहे पर राइट टर्न बंद किए जाने के लिए प्लानिंग करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही जयपुर शहर में ट्रेफिक मैनेजमेंट के लिए आवश्यकतानुसार और भी कंसलटेंट निविदा से लिए जाएंगे। ओला, उबेर एवं पर्यटक बसों द्वारा पिक अप एवं ड्रॉप पॉइन्टस ट्रेफिक पुलिस द्वारा चिन्ह्ति किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रोड साईड पार्किंग पर चार्जिंग पॉइंट टीसीबी सब कमेटी की अनुमति के पश्चात ही विकसित किए जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश
