हरिद्वार, 28 जनवरी (हि.स.)। बीती देर रात बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से क्षेत्र में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में लहलहाती फसलें ओलों की मार से जमीन पर बिछ गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों के अनुसार, इस समय गेहूं की फसल शीर्ष अवस्था की अवस्था में थी, जबकि सरसों की फसल फल अवस्था में थी। ऐसे में ओलावृष्टि ने दोनों को झटका पहुंचाया है और उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर सरसों की फलियां टूट गईं, वहीं गेहूं की फसल को औंधे मुँह गिरा दिया है।
सुबह होते ही किसान अपने खेतों में पहुंचे तो तबाही का मंजर देखकर मायूस हो गए। किसानों ने बताया कि यदि जल्द ही सर्वे कराकर मुआवजे की घोषणा नहीं की गई, तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि नुकसान का शीघ्र आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित राहत प्रदान की जाए। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम अस्थिर बने रहने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। ओलावृष्टि के कारण सड़कें और खेत सफेद नजर आए।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
