बीटिंग द रिट्रीट में आतिशबाजी के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन
दिल्ली के अलावा केवल भोपाल में आयोजित होता है ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह
भोपाल, 28 जनवरी (हि.स.)। मध्यप्रदेश में गणतंत्र दिवस समारोह का समापन 29 जनवरी को “बीटिंग द रिट्रीट’’ समारोह के साथ होगा। समारोह का आयोजन राज्यपाल मंगूभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में सायंकाल 4:30 बजे जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में होगा।
बुधवार को पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली के मार्गदर्शन में सायंकाल “बीटिंग द रिट्रीट” कार्यक्रम की फायनल रिहर्सल की गई। मुख्य अतिथि की भूमिका सातवीं बटालियन के प्रधान आरक्षक राजमणि सिंह बघेल ने निभाई। इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक मध्य क्षेत्र एसएएफ ओमप्रकाश त्रिपाठी, सेनानी 7वीं वाहिनी हितेश चौधरी सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
“बीटिंग द रिट्रीट’’ कार्यक्रम में पुलिस बैण्ड द्वारा कॉन्सर्ट, पुलिस ब्रास बैण्ड एवं आर्मी बैंड द्वारा डिस्पले तथा पाईप बैण्ड द्वारा संगीतमयी और मनोहारी प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरूआत गुरूवार, 29 जनवरी को शाम 4:30 बजे राज्यपाल मंगूभाई पटेल के आगमन के साथ होगी। फिर पुलिस ब्रास बैण्ड द्वारा क्लासिकल धुनों के साथ ही नई एवं पुरानी हिन्दी फिल्मों के गानों की संगीतमय प्रस्तुति दी जाएगी। पुलिस बैण्ड एवं आर्मी बैंड द्वारा मार्चपास्ट करते हुए बैण्डवार व सामूहिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। बैण्ड प्रदर्शन उपरांत गार्ड द्वारा ध्वजअवरोहण की कार्यवाही उपरांत पिस्टल/एलएमजी फायर, रंगीन लाईटिंग, आतिशबाजी आकर्षण का केन्द्र होगी।
उल्लेखनीय है कि बीटिंग रिट्रीट एक प्राचीन सैन्य परंपरा है यह उन दिनों से प्रचलन में है जब युद्ध में सैनिक सूर्यास्त के समय या उसके तुरंत बाद युद्ध करना बंद कर देते थे। जैसे ही बिगुलों से रिट्रीट की आवाज दी जाती थी लड़ रहे सैनिक अपने हथियार बंद कर युद्ध के मैदान से हट जाते थे, इसलिये रंग, मानक आवरण और झंडे रिट्रीट पर उतारे जाते हैं। समारोह में मार्शल संगीत का मिश्रण और एक बैंड कार्यक्रम शामिल है, जिसके बाद रिट्रीट की ध्वनि सुनाई देती है।
आधुनिक भारत में बीटिंग द रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है। हर वर्ष 29 जनवरी की शाम अर्थात गणतंत्र दिवस के तीसरे दिन बीटिंग द रिट्रीट का आयोजन किया जाता है। यह समारोह केवल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और भोपाल में होता है। इस दौरान बैण्ड कंसर्ट का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभक्ति, लोकसंगीत, भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं लोकप्रिय संगीत की धुने बजाई जाती है। इसके उपरांत अल्पविराम के बाद मध्यप्रदेश पुलिस बैण्ड के द्वारा बैण्ड डिसप्ले किया जाता है और लोकप्रिय मार्चिग धुने बजाई जाती है, ड्रमर भी पृथक से एक प्रदर्शन (जिसे ड्रमर कॉल कहते हैं) करते हैं। इसके बाद रिट्रीट का बिगुल वादन होता है, बैण्ड मास्टर द्वारा माननीय राज्यपाल महोदय के समीप जाकर बैण्ड वापस ले जाने की अनुमति मांगते हैं, तत्पश्चात् सूचित किया जाता है कि समारोह पूरा हो गया है। सूर्यास्त के समय बिगुलर्स द्वारा रिट्रीट धुन बजाई जाती है और राष्ट्रीय ध्वज उतार लिया जाता है, तथा राष्ट्रगान गाया जाता है, इसके उपरांत आयोजन स्थल में आतिशबाजी की जाकर गणतंत्र दिवस के आयोजन का औपचारिक रूप से समापन होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
