उज्जैन, 28 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह नष्ट होने के बाद एक युवा किसान की मौत का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह 30 वर्षीय किसान का शव खेत में फंदे पर मिला। घटना तराना तहसील के खेड़ा जामुनिया गांव की है।
पुलिस के अनुसार मृतक किसान पंकज मालवीय ने लगभग 6 बीघा भूमि पर गेहूं की फसल बोई थी, जो हालिया ओलावृष्टि में पूरी तरह बर्बाद हो गई। फसल खराब होने से वह गहरे मानसिक तनाव में था। मंगलवार रात वह घर नहीं लौटा। बुधवार सुबह परिजन खेत पहुंचे, जहां उसका शव मिला। पंकज मालवीय अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में मां, पत्नी, दो छोटे बच्चे—8 वर्षीय बेटा और 5 वर्षीय बेटी और दो बहनें हैं। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार के अनुसार, एक बहन की अप्रैल में शादी तय थी, जिसकी तैयारियों में पंकज जुटा हुआ था।
मृतक के समधी ईश्वर लाल परमार ने बताया कि दो दिन पहले बहन की सगाई हुई थी और शादी के लिए बयाना भी दिया जा चुका था। ओलावृष्टि के बाद मंगलवार शाम पंकज ने उन्हें फोन कर चिंता जताई थी कि फसल बर्बाद होने के बाद शादी की व्यवस्था कैसे हो पाएगी। परिजनों ने उसे ढांढस बंधाया, लेकिन वह खुद को संभाल नहीं पाया।
विधायक ने की आर्थिक सहायता की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक महेश परमार बुधवार काे पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान के कारण किसान ने अत्यंत दुखद कदम उठाया है। विधायक ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है और इसके लिए एसडीएम कार्यालय के घेराव की बात कही।
फसल नुकसान का सर्वे शुरू
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सभी तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों को गांव-गांव जाकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित किसानों को सहायता दी जाएगी और किसी का नुकसान अनदेखा नहीं किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
