उमरिया, 28 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में शासकीय स्कूल में भोजन वितरण में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। करकेली ब्लॉक के शासकीय हाई स्कूल जरहा में गणतंत्र दिवस के अवसर पर बच्चों को परोसे गए विशेष भोज और बूंदी का बचा हुआ खाना अगले दिन दोबारा परोस दिया गया, जिससे 55 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान स्कूल में छात्रों को विशेष भोज और बूंदी वितरित की गई थी। कार्यक्रम के बाद बचा हुआ भोजन अगले दिन 27 जनवरी को मध्यान्ह भोजन के रूप में फिर से बच्चों को परोस दिया गया। भोजन करने के कुछ समय बाद ही छात्रों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं।
अचानक बिगड़ी तबीयत, स्कूल में मचा हड़कंप
कुछ बच्चों की तबीयत घर पर ही बिगड़ गई, जिन्हें परिजन स्वयं अस्पताल लेकर पहुंचे। वहीं जो छात्र स्कूल आए, उनकी भी हालत अचानक खराब होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।
8 बच्चों की हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर
प्रशासन की मदद से 8 गंभीर रूप से बीमार बच्चों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय उमरिया भेजा गया। 37 बच्चों का उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घुलघुली में किया गया, जबकि 10 बच्चों का इलाज गांव में ही स्वास्थ्य अमले द्वारा किया गया। डॉक्टर के.एल. बघेल ने बताया कि 47 बच्चों की हालत अब सामान्य है, जबकि 8 बच्चों को एहतियातन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल में सभी बच्चे स्थिर
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि 108 एंबुलेंस से 7 बच्चियां लाई गईं, जबकि एक बच्ची को परिजन स्वयं लेकर पहुंचे। कुल 8 बच्चों का इलाज जारी है और सभी की हालत फिलहाल स्थिर है। बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही सीएमएचओ सहित प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल पहुंची। प्राथमिक जांच में भोजन की गुणवत्ता खराब होने या उसमें मिलावट की आशंका जताई जा रही है। भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
अभिभावकों में आक्रोश, गंभीर आरोप
घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया। परिजनों का आरोप है कि मध्यान्ह भोजन की जिम्मेदारी एक महिला स्वसहायता समूह द्वारा ठेके पर गांव के ही एक व्यक्ति को दे दी गई है, जहां लंबे समय से गुणवत्ताहीन भोजन परोसा जा रहा है। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन कथित संरक्षण के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जांच के आदेश, कार्रवाई का आश्वासन
प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी
