झज्जर, 28 जनवरी (हि.स.)। जिला भर के उद्योगों के प्रमुख संगठन कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने पर खुशी जताई है। कोबी के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने बुधवार को इसे भारतीय उद्योग एवं व्यापार के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया।
उद्यमी गर्ग ने कहा कि यह समझौता ऐसे समय में संपन्न हुआ है, जब वैश्विक व्यापार कई प्रकार की अनिश्चितताओं से गुजर रहा है और भारत को नए, भरोसेमंद व विविधिकृत बाजारों की आवश्यकता है। बहादुरगढ़ झज्जर के भी 10000 से अधिक उद्योगों को इस समझौते से बड़ा लाभ होगा। लगभग 18 वर्षों की लंबी वार्ताओं के बाद हुए इस समझौते से भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी। यूरोपीय यूनियन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि भारत तेजी से उभरती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। दोनों के बीच यह समझौता लगभग दो अरब उपभोक्ताओं के विशाल संयुक्त बाजार का निर्माण करता है, जो भारतीय उद्योगों के लिए दीर्घकालिक विकास के नए अवसर खोलेगा।
गर्ग ने कहा कि इस व्यापार समझौते से भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों टेक्सटाइल, चमड़ा, फुटवियर, रत्न, आभूषण, केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, समुद्री उत्पाद, कृषि एवं डेयरी उत्पाद और ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कम्पोनेंट्स को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। यूरोपीय बाजारों में भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क में कमी आने से भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया पहल को वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिलेगी। यह समझौता भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने कहा कि हाल के समय में अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ के कारण भारतीय निर्यातकों को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, ऐसे में यूरोपीय यूनियन के साथ यह व्यापार समझौता भारतीय व्यापारियों एवं निर्माताओं के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / शील भारद्वाज
