रांची, 28 जनवरी (हि.स.)। रांची के हरमू स्थित डीएवी कपिलदेव के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अंग्रेजी शिक्षक पीएन झा के आवासीय परिसर में बुधवार को डॉ वरुण कुमार तिवारी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ महेन्द्र ने की। उन्होंने कहा कि डॉ तिवारी ने कोसी अंचल के साहित्य को जिस व्यापकता और गहराई से समृद्ध किया है, वह अद्वितीय है और उनके योगदान की प्रासंगिकता भविष्य में भी बनी रहेगी।
दूरदर्शन रांची के सेवानिवृत्त निदेशक पीके झा ने कहा कि डॉ तिवारी की सशक्त लेखनी और आलोचनात्मक दृष्टि ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। डॉ कृष्णमोहन झा ‘मोहन’ ने उनके भाषा संवर्धन में योगदान को रेखांकित किया। राज्य पुस्तकालय से सेवानिवृत्त पुस्तकालयाध्यक्ष अमरनाथ झा ने कहा कि उनकी रचनाओं में परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समन्वय मिलता है। प्रसिद्ध व्यंग्यकार राजकुमार मिश्र ने कोसी अंचल के प्रति उनके मौलिक योगदान को ऐतिहासिक बताया। बदरीनाथ झा ने कहा कि उन्होंने कोसी अंचल की कहानी परंपरा का निष्पक्ष मूल्यांकन किया है। समापन सत्र में केदार कानन ने डॉ तिवारी को बहुआयामी लेखक बताया। संगोष्ठी में कई साहित्यकार और अन्य लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
