योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की सब्सिडी मिलेगी
भोपाल, 28 जनवरी (हि.स.)। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक कुल 29 हजार 273 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इन्हें 228 करोड़ से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है।
जनसंपर्क अधिकारी राजेश पांडेय ने बुधवार काे जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।
गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। तब से लेकर आज दिनांक तक हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
