जयपुर, 28 जनवरी (हि.स.)। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र में बुधवार को सदन ने विगत दिनों दिवंगत हुए देश और प्रदेश के विशिष्ट जनप्रतिनिधियों एवं सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शोक प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए पंजाब के पूर्व राज्यपाल शिवराज पाटिल, मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक, मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री डी.डी. लापांग, त्रिपुरा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बिस्वा बन्धु सेन, पूर्व सांसद रामेश्वर लाल डूडी, अश्क अली टाक, धर्मेन्द्र, भानुप्रकाश मिर्धा एवं श्याम सुन्दर लाल, राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गिरिराज प्रसाद तिवारी, पूर्व मंत्री भरत सिंह और नन्दलाल मीणा, पूर्व राज्य मंत्री डॉ. रतनलाल जाट तथा पूर्व विधायक शिवराम सिंह कुशवाह, डॉ. रघुवीर सिंह गौड़, मोहनलाल राठौड़, विजय सिंह, फूलचन्द गुर्जर, दिलसुखराय चौधरी और नवरंग सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया।
अध्यक्ष ने कहा कि शिवराज पाटिल सातवीं से तेरहवीं लोकसभा तक लगातार सात बार सांसद रहे और केंद्रीय गृह, नागरिक उड्डयन व पर्यटन मंत्री सहित लोकसभा अध्यक्ष के पद का दायित्व निभाया। वे पंजाब के राज्यपाल के साथ-साथ राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल चुके थे। स्वराज कौशल राज्यसभा सांसद रहे और मिजोरम के राज्यपाल के रूप में सेवाएं दीं।
उन्होंने बताया कि रवि नाइक गोवा विधानसभा के छह बार सदस्य रहे और दो बार मुख्यमंत्री सहित उप मंत्री व कैबिनेट मंत्री के पदों पर रहे, जबकि डी.डी. लापांग दशकों तक मेघालय विधानसभा के सदस्य रहते हुए चार बार मुख्यमंत्री और दो बार उप मुख्यमंत्री बने। त्रिपुरा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बिस्वा बन्धु सेन लंबे समय तक विधायक रहे और साहित्यिक अभिरुचि के लिए भी जाने जाते थे।
शोक प्रस्ताव में पूर्व सांसद रामेश्वर लाल डूडी के विधायक, सांसद और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में दिए गए योगदान, अश्क अली टाक के राज्य मंत्री और राज्यसभा सांसद के रूप में कार्य, तथा पूर्व सांसद व प्रख्यात अभिनेता धर्मेन्द्र के भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान का भी स्मरण किया गया। अध्यक्ष ने बताया कि धर्मेन्द्र को पद्म भूषण सहित कई सम्मानों से नवाजा गया और वर्ष 2026 में उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण दिए जाने की घोषणा की गई है।
अध्यक्ष ने पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा, श्याम सुन्दर लाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरिराज प्रसाद तिवारी, पूर्व मंत्री भरत सिंह और नन्दलाल मीणा, पूर्व राज्य मंत्री डॉ. रतनलाल जाट तथा पूर्व विधायक शिवराम सिंह कुशवाह, डॉ. रघुवीर सिंह गौड़, मोहनलाल राठौड़, विजय सिंह, फूलचन्द गुर्जर, दिलसुखराय चौधरी और नवरंग सिंह के सार्वजनिक, राजनीतिक और सामाजिक योगदान का भी उल्लेख किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर
