हुगली, 28 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सिंगूर में आयोजित एक सरकारी एवं राजनीतिक कार्यक्रम से स्पष्ट किया कि राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए किसी भी स्थिति में कृषि भूमि का उपयोग नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से सिंगूर में आठ एकड़ भूमि पर एक औद्योगिक पार्क विकसित किया गया है।
सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने सिंगूर भूमि आंदोलन की पृष्ठभूमि का उल्लेख किया और कहा कि किसानों की जमीन बचाने के लिए उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया था। उन्होंने 2006 के आंदोलन और 26 दिनों के अनशन की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण का विरोध करते हुए वह किसानों के साथ खड़ी थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद किसानों को उनकी जमीन वापस दिलाई गई, जिसे वह अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता का उदाहरण मानती हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि सिंगूर की जमीन वापस दिलाने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत जोखिम उठाया और अपना वादा निभाया, जबकि केंद्र की ओर से केवल घोषणाएं की गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई परियोजनाओं का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया गया, लेकिन श्रेय लेने का प्रयास केंद्र करता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगूर में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं का शिलान्यास किया और लाभार्थियों के बीच सरकारी सेवाओं का वितरण भी किया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा करते हुए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
