चंडीगढ़, 28 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने अगामी बजट को लेकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में विभाग द्वारा अब तक किए गए कार्यों, बजट के उपयोग और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
श्रुति चौधरी ने अधिकारियों से दिसंबर महीने तक खर्च हुए बजट की पूरी जानकारी ली और यह भी समीक्षा की कि अभी जो बजट शेष बचा है, उसका सही और प्रभावी तरीके से कैसे उपयोग किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह है कि हर रुपये का उपयोग जनता के हित में हो और कोई भी राशि छूट न जाए।
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जो नया बजट आने वाला है, उसका नियोजन पहले से ही ठीक तरह से किया जाए, ताकि सिंचाई परियोजनाओं, नहरों की मरम्मत, जल संरक्षण और किसानों से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। सभी योजनाएं जमीन पर दिखाई देनी चाहिए, सिर्फ कागजों में सीमित नहीं रहनी चाहिए। श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपने कार्य करें। यदि कोई अधिकारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने कहा कि विभाग किसानों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो, सिंचाई सुविधाएं मजबूत हों और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर काम करने, फील्ड में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के भी निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
