जयपुर, 28 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश में मातृ, नवजात, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में बुधवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), राजस्थान और डवलपमेंट पार्टनर जपाइगो के बीच सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू पर मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. अमित यादव एवं जपाइगो के कंट्री डायरेक्टर डॉ. अमित अरुण शाह ने हस्ताक्षर किए।
मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने बताया कि इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए तकनीकी सहयोग का विस्तार करना है। उन्होंने बताया कि जपाइगो वर्ष 2009 से चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और एनएचएम राजस्थान के साथ निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहा है।
डॉ. यादव ने कहा कि यह सहयोग राजस्थान को डिजिटल हेल्थ, गुणवत्ता युक्त मातृ-नवजात सेवाओं और नवाचार आधारित स्वास्थ्य प्रणाली के क्षेत्र में नई उपलब्धियां दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।
एमओयू के अंतर्गत प्रसव पूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वर्गीकरण, गर्भावस्था में एनीमिया प्रबंधन के लिए फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज का समुचित उपयोग, नवजात देखभाल सेवाओं का डिजिटलीकरण, विभिन्न डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म्स का एकीकरण, स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता संवर्धन और पर्यवेक्षण, राज्य स्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
इस सहयोग के तहत राज्य की विभिन्न डिजिटल प्रणालियों का आपसी एकीकरण किया जाएगा, जिससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की निरंतर रियल-टाइम ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। इस अवसर पर निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर, परियोजना निदेशक मातृ स्वास्थ्य डॉ. तरुण चौधरी, परियोजना निदेशक शिशु स्वास्थ्य डॉ. प्रदीप चौधरी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
