धर्मशाला, 28 जनवरी (हि.स.)।
धर्मशाला की छात्रा मौत मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मामले में आरोपी प्रोफेसर का नार्को टैस्ट करवाने का निर्णय लिया है। इस बारे में एस.पी. कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि इसके लिए पुलिस द्वारा कोर्ट से अनुमति लेने के बाद मामले को शिमला ले जाया गया है। जहां जुन्गा स्थित स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफ.एस.एल.) में प्रोफेसर का नार्को टेस्ट करवाया जाएगा। जबकि पुलिस द्वारा मैडिकल रिपोर्ट व डिजिटल पहलूओं के अध्ययन का दौर जारी रहा। इस मामले में अभी भी पुलिस को फोरेंसिक लैब में जांच को भेजे गए मोबाइल फोन में से कुछ की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
पुलिस द्वारा उम्मीद जताई जा रही है कि इन बचे मोबाइल फोनों से पुलिस को कुछ डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हो सकते हैं। जाे इस मामले में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। हालांकि मामले में पुलिस द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि अब आगामी जांच को मैडीकल बोर्ड की रिपोर्ट के अवलोकन व निष्कर्षों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
यह होता है नार्को टैस्ट
नार्को परीक्षण का प्रयोग किसी व्यक्ति से जानकारी प्राप्त करने के लिए दिया जाता है जो या तो उस जानकारी को प्रदान करने में असमर्थ होता है या फिर वो उसे उपलब्ध कराने को तैयार नहीं होता। दूसरे शब्दों में यह किसी व्यक्ति के मन से सच निकलवाने लिए प्रयोग किया जाता है।
गौरतलब है कि धर्मशाला की 19 वर्षीय छात्रा की 26 दिसम्बर को संदिग्ध अवस्था में हुई मौत के बाद इस मामले ने 31 दिसम्बर व 1 जनवरी को वीडियो वायरल होने के बाद तूल पकड़ा था। इसके पश्चात 1 जनवरी को धर्मशाला कॉलेज की चार छात्राओं के खिलाफ रैगिंग व मारपीट जबकि एक प्रोफैसर पर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद यू.जी.सी., महिला आयोग व राज्य शिक्षा निदेशालय ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। मैडिकल बोर्ड ने छात्रा से जुड़े मामले में अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। जिसके तहत जांच जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया
