—लगभग 700 मरीजों को प्रत्यक्ष तौर पर लाभ मिलेगा
वाराणसी, 28 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सरसुंदर लाल चिकित्सालय में मरीजों की देखभाल और सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सर सुंदरलाल अस्पताल, चिकित्सा विज्ञान संस्थान में मरीजों के लिए किचन तथा लॉन्ड्री सेवा सुविधाएं प्रारंभ की गई हैं। इन सुविधाओं का उद्घाटन कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने अस्पताल के सबसे पुराने ब्लॉक पद्मश्री डॉ. के. एन. उडुप्पा ब्लॉक में किया। कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने अस्पताल में नवीनीकृत डॉक्टर्स लाउंज का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान आगे प्रगति करे और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के समकक्ष खड़ा हो। उन्होंने यह भी कहा कि वे संस्थान से वैश्विक स्तर पर प्रशंसित चिकित्सा शोध कार्य निकलते देखना चाहते हैं, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान के कई शिक्षकों का एच—इंडेक्स काफी उच्च है और वे अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट शोध कर रहे हैं। अस्पताल में शीघ्र शुरू होने वाली सूचना प्रबंधन प्रणाली, जिससे बेहतर डेटा संग्रह संभव होगा और संस्थान में चिकित्सा शोध को बढ़ावा मिलेगा। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सत्य नारायण संखवार ने समस्याओं पर चर्चा के लिए कुलपति आभार बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान अकादमिक तथा स्वास्थ्य सेवाओं दोनों क्षेत्रों में निरंतर कार्य करते हुए विश्वविद्यालय का नाम आगे बढ़ाएगा।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. कैलाश कुमार गुप्ता ने बुधवार को बताया कि अस्पताल के नवीनीकरण (‘कायाकल्प’ कार्यक्रम) का कार्य बिना दैनिक गतिविधियों को बाधित किए किया गया है और 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। ओपीडी अनुभाग का विस्तार किया गया है तथा अधिकांश ओपीडी अब वातानुकूलित हैं। साथ ही प्रो. गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन थिएटरों की संख्या में वृद्धि की गई है। चिकित्सा अधीक्षक ने यह भी बताया कि मरीजों के लिए फीडबैक फॉर्म भी प्रारंभ किया गया है। प्रो. गुप्ता ने आयुर्वेद अनुभाग में हुए विकास की भी जानकारी साझा की। जिसमें पुराने वार्डों का ध्वस्त किये बिना नवीनीकरण, पंचकर्म और जोंक चिकित्सा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. कैलाश कुमार गुप्ता ने बताया कि इससे लगभग 700 मरीजों को प्रत्यक्ष तौर पर लाभ मिलेगा। इसमें नि:शुल्क आहार में सामान्य आहार, उच्च प्रोटीन युक्त आहार, बच्चों का आहार, तरल आहार, डायबिटिक आहार, सेमी सॉलिड आहार, प्राइवेट रूम सामान्य आहार, प्राइवेट रूम उच्च प्रोटीन युक्त आहार और ग्लूटेन मुक्त आहार प्रदान किया जाएगा । उन्होंने बताया कि भोजन गुणवत्ता की जाँच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाएगा। समिति में नर्सिंग, विद्यार्थी, डॉक्टर, प्रशासन, डायटीशियन और मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
