शिमला, 28 जनवरी (हि.स.)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को शिमला में देवभूमि क्षेत्रीय संगठन और राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने हिमाचल प्रदेश भाजपा कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और नए नियमों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी आक्रोशपूर्ण नजर आया। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता हाथों में हथकड़ी और शरीर पर जंजीरें बांधकर विरोध जताते दिखे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं और इससे उनका भविष्य प्रभावित होगा। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन नियमों के जरिए सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है, जो समानता का अधिकार देता है।
उनका कहना था कि नए नियमों के तहत सामान्य वर्ग के छात्रों को बिना किसी अपराध के जेल में डालने जैसी स्थिति बनाई जा रही है। रूमित सिंह ठाकुर ने यह भी कहा कि सामान्य वर्ग के खिलाफ बनाए गए इन नियमों पर कोई भी सांसद खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश से भाजपा के सांसद भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद कंगना रनौत पर भी निशाना साधा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी के नए नियमों को जल्द वापस नहीं लिया, तो आने वाले समय में हिमाचल बंद किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
