जयपुर, 28 जनवरी (हि.स.)। कुष्ठ रोग के विषय में आमजन को जागरूक करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 30 जनवरी से संचालित किया जाएगा। भेदभाव का अंत एवं गरिमा सुनिश्चित करना थीम आधारित अभियान 13 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि विभाग की ओर से पखवाड़े को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक पूर्ण कर ली गई हैं। आगामी 13 फरवरी तक चलने वाले अभियान के दौरान विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। 30 जनवरी को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर सरपंच द्वारा ग्राम सभा सदस्यों को कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों से भेदभाव दूर करने की अपील की जाएगी। विद्यालयों में स्वास्थ्य कार्मिकों द्वारा कुष्ठ रोग के प्रति व्यापक जागरूकता प्रसारित की जाएगी। साथ ही माईकिंग द्वारा व पोस्टर- पम्पलेट इत्यादि का वितरण कर आमजन को जागरूक किया जाएगा।
उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य), द्वितीय डॉ. सुरेंद्र गोयल एवं उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य), प्रथम डॉ. इंद्रा गुप्ता ने बताया कि कुष्ठ रोग कोई छुआछूत का या आनुवंशिक रोग नहीं है। इसकी जांच एवं इलाज सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुफ्त में उपलब्ध है। कुष्ठ रोग की शुरूआत में पहचान एवं जांच करवाते हुए पूर्ण इलाज लिया जाए तो कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है एवं शारीरिक विकलांगता से बचा जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति को कुष्ठ रोग के लक्षण हों तो आशा/आंगनबाड़ी/स्वास्थ्य कार्यकर्ता/चिकित्सक से सम्पर्क कर जांच करवाएं। यदि कोई व्यक्ति कुष्ठ रोग से पीडि़त है, तो उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव न करें एवं जहां तक हो सके उसकी हर प्रकार से सहायता करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
