बागपत, 29 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में गुरुवार काे कलेक्ट्रेट परिसर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें ने धरना प्रदर्शन किया है। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें ने मुख्यमंत्री काे संबाेधित एक ज्ञापन अधिकारी काे साैंपा। उन्हाेंने मांग की कि जिस तरह योजनाओं में उनको लगाकर काम कराया जा रहा हैं इसकाे लेकर उन्हें वैधानिक, सामाजिक, सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री काे भेजे ज्ञापन में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें को पूर्ण कालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान करते हुए उनका वेतन दिया जाए। भविष्य निधि पेंशन, महंगाई, भत्ता, मेडिकल अवकाश सहित समस्त वैधानिक लाभ भी दिए जाएं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष की जाए तथा कोरोना काल से अब तक सेवानिवृत्ति समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें को पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। इसी तरह

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें ने मुख्य सेविका पद एवं सहायिका से कार्य पद पर योग्य और वरिष्ठता के आधार पर नियमित और समय बाद पदोन्नति करने की भी मांग की है।
उन्होंने पोषण ट्रैकर पर ऑनलाइन कार्य के लिए उच्च गुणवत्ता के 5जी मोबाइल फोन की खरीद के लिए कम से कम 20 हजार रुपये और प्रतिमा रिचार्ज के लिए ढाई हजार रुपये डाटा भत्ता की मांग रखी। इस दाैरान चेतावनी दी है कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो अप्रैल 2026 से पोषण ट्रैकर के साथ-साथ समस्त ऑनलाइन कार्य पूर्ण रूप से बंद कर दिए जाएंगे।
जिलाध्यक्ष बागपत उमा चौधरी ने कहा कि किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्राें का किराया बाजार भाव के अनुसार सीधे भवन स्वामी के खाते में भुगतान किया जाए और सभी केंद्राें पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। साथ ही निजीकरण और आउटसोर्सिंग व्यवस्था पूर्णता बंद करने की मांग की। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी है अगर 7 मार्च तक उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो 8 मार्च को सभी आंगनबाड़ी लखनऊ कूच करेंगे। धरना प्रदर्शन करने वालों में जिला सचिव बबीता के साथ सैंकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी
