
-तीन से चार दिन भम्भेवा स्टेशन के पास ही होगा ट्रायल

जींद, 29 जनवरी (हि.स.)। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का इंजन गुरुवार को भंभेवा स्टेशन पहुंच गया है। यहां सोनीपत रेलवे ट्रैक पर इसका ट्रायल किया जाएगा। हाइड्रोजन इंजन को एक अन्य डीजल इंजन से जोड़कर सुरक्षित तरीके से भंभेवा स्टेशन तक लाया गया। यह पूरी प्रक्रिया तय मानकों के तहत की गई ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी परेशानी न हो।

ट्रायल के दौरान आसपास के रेलवे ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और स्टेशन परिसर की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। रेलवे ने आम लोगों से भी अपील की है कि ट्रायल के समय रेलवे ट्रैक के आसपास न जाएं और नियमों का पालन करें। भंभेवा स्टेशन के आसपास अगले तीन से चार दिनों तक हाइड्रोजन ट्रेन इंजन का ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी। ट्रायल के समय रेलवे की तकनीकी टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और हर पहलू पर निगरानी रखेंगे। हाइड्रोजन ट्रेन भविष्य की पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा है। डीजल और पेट्रोल से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण रहित है और इससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इसी कारण इस परियोजना को लेकर रेलवे प्रशासन काफी सतर्कता बरत रहा है। सफल ट्रायल के बाद हाइड्रोजन ट्रेन को नियमित संचालन की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया जाएगा। उम्मीद है कि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहेगा और आने वाले समय में हाइड्रोजन ट्रेन यात्रियों के लिए एक नई और सुरक्षित सुविधा साबित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा
