नई दिल्ली, 29 जनवरी (हि. स.)। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार शाम दिल्ली के सिरी फोर्ट रोड में ‘एक शाम… स्वदेशी के नाम’ सांस्कृतिक कार्यक्रम को आयोजित किया गया।

यह संध्या भारत की एकता, सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी चेतना को समर्पित रही, जिसमें कला और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत मातृभूमि के शांत वंदन से हुई। बाद में नदियां पर्वत उपजाऊ धरती और ग्रामीण जीवन की लय को नृत्य रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के एक विशेष खंड में स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जहां साहस, बलिदान, सेवा और दृढ़ संकल्प जैसे मूल्यों को भावपूर्ण नृत्य अभिनय के जरिए उकेरा गया। तिरंगे का प्रभावी प्रयोग पूरी प्रस्तुति का मुख्य आकर्षण रहा। इसमें केसरिया वीरता, श्वेत शांति और हरा समृद्धि का प्रतीक बना।
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठन सतीश कुमार ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए विदेशी का मोह छोड़ना होगा, स्वदेशी उत्पादों का उपयोग किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित अधिकतर उत्पाद किसी भी विदेशी के मुकाबले उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं और कम क़ीमत पर बेचे जाते हैं।
संयोजक मुकेश गुप्ता ने बताया कि सशक्त दृश्यात्मक प्रस्तुति, भावनात्मक शब्दों में लिखे स्क्रिप्ट और अखिल भारतीय कला सहभागिता के साथ ‘एक शाम… स्वदेशी के नाम’ वंदे मातरम् को समर्पित एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की साझा विरासत और राष्ट्रीय चेतना की निरंतर प्रासंगिकता को एक बार फिर रेखांकित किया।
इस सांस्कृतिक प्रस्तुति में देशभर से आए 60 से अधिक कलाकारों ने 14 शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियों के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को मंच पर जीवंत किया। थीम आधारित संगीत-नृत्य प्रस्तुति के जरिए “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को नृत्य, संगीत और प्रभावशाली कोरियोग्राफी के माध्यम से दर्शाया गया।
गरबा, मणिपुरी, राजस्थानी लोकनृत्य, ओडिसी, मोहिनीअट्टम, छाऊ सहित कई रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ एक सशक्त समूह नृत्य से हुआ, जिसे दर्शकों ने तालियों की गूंज के साथ सराहा।
इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के प्रमुख कश्मीरी लाल, सतीश कुमार, भाजपा के महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम, डॉक्टर अश्वनी महाजन सहित अनेक विशिष्ट अतिथि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, और सांस्कृतिक जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्ति और कला प्रेमी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी
