इस्लामाबाद, 29 जनवरी (हि.स.)। यूरोपीय संघ (ईयू) ने पाकिस्तानी मानवाधिकार वकीलों इमान जैनब मजारी-हाज़िर और हादी अली चट्ठा को सजा सुनाए जाने पर कड़ी चिंता जताते हुए पाकिस्तान को उसकी अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार प्रतिबद्धताओं की याद दिलाई है। ईयू ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वकीलों की पेशेवर स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है।

ईयू के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के प्रवक्ता अनौआर एल. अनूनी ने कहा कि सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर मानवाधिकार वकीलों को दोषी ठहराना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि अभिव्यक्ति की आजादी और वकीलों की स्वतंत्रता न केवल लोकतंत्र के आधार हैं, बल्कि पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का भी हिस्सा हैं।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश का “आंतरिक मामला” बताया। उल्लेखनीय है कि इमान मज़ारी और हादी चट्ठा को पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में अदालत जाते समय गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर कथित विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा मामला दर्ज है, जिसमें अक्टूबर 2025 में आरोप तय किए गए थे।
इस गिरफ्तारी और सजा की मानवाधिकार संगठनों, पत्रकारों, विपक्षी नेताओं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर व्यापक निंदा हो रही है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने इसे संवैधानिक अधिकारों और कानून के शासन पर सीधा हमला बताते हुए दोनों वकीलों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय
