गोलाघाट (असम), 29 जनवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को गोलाघाट में ‘मियां’ शब्द को लेकर दिए गए अपने बयान का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को अलोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि “मियां ने असम को ग्रास कर लिया है”, बल्कि उच्चतम् न्यायालय के आईएमडीटी मामले के फैसले में पृष्ठ दर पृष्ठ अवैध घुसपैठ का उल्लेख किया गया है।

मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में गुरुवार को कहा कि ‘मियां’ शब्द का प्रयोग वे लोग स्वयं करना पसंद करते हैं। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे यह मानते हैं कि असम में बांग्लादेशी नहीं हैं, तो वे उनके इस कथन को गलत साबित करके दिखाएं।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए डॉ. सरमा ने कहा कि असम में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर उनसे कहीं अधिक कड़े शब्दों में पहले ही गोपीनाथ बरदलै और अंबिकागिरी रायचौधरी जैसे महान व्यक्तित्व अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को पहले यह बताना चाहिए कि क्या गोपीनाथ बरदलै गलत थे।”
मियां प्रसंग पर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे मुद्दों पर चिंता जताना ऐतिहासिक तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर आधारित है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश
