चंडीगढ़, 29 जनवरी (हि.स.)। पंजाब पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस थाना ब्लास्ट केस का पर्दाफ़ाश करके बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े आतंकवादी मॉड्यूल के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने गुरुवार को बताया कि यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ निकट समन्वय से की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह उर्फ शेरू उर्फ कमल और प्रदीप सिंह उर्फ दीपू के रूप में हुई है, जो एसबीएस के अंतर्गत आने वाले कस्बा राहों के निवासी हैं। पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से एक इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) भी बरामद की है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि गिरफ्तार किए गए मुलजिम गुरप्रीत उर्फ गोपी नवांशहरिया और बीकेआई के मास्टरमाइंड हरविंदर रिंदा के निकटतम साथी शुशांत चोपड़ा के निर्देशों पर काम कर रहे थे।

डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार मुलजिमों ने 31 दिसंबर, 2025 को अपने दो साथियों के साथ मिलकर पंजाब से हिमाचल प्रदेश एक आईईडी पहुंचाई थी, जिसका उपयोग पुलिस संस्थानों को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश के हिस्से के रूप में 1 जनवरी, 2026 को हुए नालागढ़ पुलिस स्टेशन धमाके में किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
नवांशहर के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) तुषार गुप्ता ने बताया कि राहों पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान गिरफ्तार मुलजिमों की शुशांत चोपड़ा के निर्देशों पर काम करने की भूमिका के बारे में खुलासा हुआ। एसएसपी ने कहा कि इन खुलासों और फॉलो-अप कार्रवाई के आधार पर मुलजिमों के बताए गए स्थान से एक आईईडी बरामद किया गया है। पुलिस टीमों ने गिरफ्तार किए गए मुलजिमों के दो साथियों की भी पहचान कर ली है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
