शिमला, 29 जनवरी (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की सेब आधारित अर्थव्यवस्था राज्य की जीवनरेखा है और सेब बागवानों के हितों की रक्षा भाजपा और केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गुरूवार को एक बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के सेब उत्पादकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी हाल में उनके हितों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।

संदीपनी भारद्वाज ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को लेकर बागवानों में उठ रही चिंताओं पर कहा कि सरकार इन सवालों को गंभीरता से समझ रही है। उन्होंने कहा कि सेब केवल एक फसल नहीं है बल्कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था, रोजगार और लाखों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है। ऐसे में यह सरकार की जिम्मेदारी है कि हिमाचली सेब को बाजार में उचित मूल्य और पूरा संरक्षण मिले।
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि एफटीए का क्रियान्वयन वर्ष 2027 से प्रस्तावित है और सरकार के पास अभी पर्याप्त समय है। इस दौरान बागवानों के हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी), गुणवत्ता मानकों, बाजार नियंत्रण और अन्य सुरक्षा प्रावधानों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विदेशी सेब के आयात से हिमाचल के सेब उत्पादकों को किसी तरह का नुकसान न हो।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों और बागवानों के लिए लगातार योजनाएं चला रही है। बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट, परिवहन नेटवर्क और कृषि अधोसंरचना में बड़े स्तर पर निवेश किया गया है, जिससे सेब उत्पादक आत्मनिर्भर बन सकें और उन्हें बेहतर बाजार मिल सके।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि भाजपा का साफ मानना है कि हिमाचल के सेब बागवानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। सरकार बागवानों से लगातार संवाद करेगी, उनकी आशंकाओं को सुनेगी और सेब उद्योग को सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी नीतिगत कदम उठाएगी।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
