जम्मू, 29 जनवरी(हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोगों की याद में 30 जनवरी, 2026 (शहीद दिवस) पर दो मिनट का मौन रखने के निर्देश जारी किए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार सभी प्रशासनिक सचिवों से जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव की उपस्थिति में सुबह 11:00 बजे निर्धारित समारोह में भाग लेने का अनुरोध किया गया है।
जम्मू में तैनात अधिकारी और कर्मचारी सिविल सचिवालय जम्मू की पहली दूसरी और तीसरी मंजिल पर मीटिंग हॉल में मौन रखेंगे जबकि श्रीनगर में तैनात लोग सिविल सचिवालय, श्रीनगर की चौथी और पांचवीं मंजिल पर मीटिंग हॉल में भाग लेंगे।
सरकार के अतिरिक्त सचिव रोहित शर्मा, जेकेएएस द्वारा जारी ज्ञापन, गृह मंत्रालय (एमएचए) के एक संचार का अनुसरण करता है जिसमें दोहराया गया है कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के शहीदों के सम्मान में हर साल 30 जनवरी को सुबह 11:00 बजे देश भर में दो मिनट का मौन रखा जाता है।
गृह मंत्रालय ने स्थायी निर्देश दिए हैं कि दो मिनट के मौन के दौरान सभी काम और आवाजाही बंद कर दी जानी चाहिए।
जहां भी संभव हो मौन अवधि की शुरुआत और अंत को सायरन या सेना के बंदूक संकेतों द्वारा इंगित किया जा सकता है। जिन स्थानों पर ऐसी प्रणालियाँ उपलब्ध नहीं हैं वहाँ मौन पालन सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त निर्देश जारी किए जाने चाहिए।
मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है कि शहीद दिवस उचित गंभीरता के साथ मनाया जाए यह देखते हुए कि अतीत में आम जनता अक्सर इस अवसर के महत्व से अनजान रही है। इस दिन को उचित रूप से मनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
गृह मंत्रालय ने स्मरण और एकता की भावना को मजबूत करने के लिए हाइब्रिड मोड सहित स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय एकता पर वार्ता और कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता
