जम्मू, 29 जनवरी (हि.स.)। गवर्नमेंट गांधी मेमोरियल (जीजीएम) साइंस कॉलेज, जम्मू में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ‘नशा मुक्त कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज की एनसीओआरडी कमेटी, जूलॉजी विभाग, पर्यावरण विज्ञान विभाग, साइंस क्लब, ईको क्लब, मनोदर्पण मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ और एनएसएस इकाइयों द्वारा जिला प्रशासन जम्मू के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में मनोदर्पण मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो. बालकृष्ण ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रोमेंश कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कॉलेज और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशाखोरी एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिससे निपटने के लिए शिक्षा, परामर्श, पारिवारिक सहयोग और कानून के सख्त क्रियान्वयन की आवश्यकता है।

इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग, जम्मू की तरुणजीत कौर ने सरकार की नशा उन्मूलन एवं पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी, जबकि डॉ. शफाली अब्रोल ने नशे के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। एनसीओआरडी कमेटी के संयोजक एवं जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल कैत ने नशे के जैविक और शारीरिक प्रभावों को विस्तार से समझाया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा
