रायपुर, 29 जनवरी (हि.स.)। भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर आज गुरुवार से अपने परिसर में पहला अंतरराष्ट्रीय केस सम्मेलन 2026 (इंटरनेशनल केस कॉन्फ्रेंस—आईसीसी 2026) शुरू करेगा। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आज गुरुवार 29 से 31 जनवरी तक आयोजित होगा और प्रबंधन शिक्षा में अनुभवात्मक और केस-आधारित शिक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद्, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक मंच पर एकत्र होकर समकालीन व्यावसायिक व्यवहार और केस-आधारित शिक्षण में नवाचारों पर विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन की शुरुआत 29 जनवरी को आयोजित सम्मेलन पूर्व कार्यशाला से होगी, जिसका उद्देश्य केस लेखन, शिक्षण पद्धतियों और कक्षा में केस के प्रभावी उपयोग में क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। यह कार्यशाला केस-आधारित शिक्षण और शैक्षणिक प्रकाशन की विशेषज्ञ सुश्री नम्रता अरोड़ा और सुश्री सलोनी चतुर्वेदी द्वारा संचालित की जाएगी। कार्यशाला में केस पद्धति की मूल अवधारणाएँ, केस विचार निर्माण, शोध और संरचना, शिक्षण नोट्स का विकास तथा कक्षा में प्रभावी प्रस्तुति जैसे विषय शामिल होंगे।
मुख्य सम्मेलन 30 और 31 जनवरी को आयोजित होगा, जिसमें प्रमुख और पूर्ण सत्रों में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वक्ता शामिल होंगे। उद्घाटन मुख्य वक्तव्य अमेरिकी विश्वविद्यालय, शारजाह में प्रबंधन विभाग की प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शिक्षाविद् डॉ. वर्जीनिया बोडोलिका द्वारा दिया जाएगा। अन्य प्रमुख वक्ताओं में भारतीय प्रबंध संस्थान उदयपुर के निदेशक प्रोफेसर अशोक बनर्जी, भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद में संचालन और निर्णय विज्ञान क्षेत्र के प्रोफेसर देबजीत रॉय, तथा भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलुरु में रणनीति विषय के प्रोफेसर पी. डी. जोसे शामिल हैं।
दो दिनों के दौरान सम्मेलन में पूर्ण सत्र, पैनल चर्चाएँ और अनेक समानांतर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें समकालीन व्यावसायिक व्यवहार, शासन और सार्वजनिक नीति, प्रबंधन शिक्षा में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सतत विकास, उद्यमिता, वित्त और वैश्विक व्यावसायिक रणनीतियों जैसे विषय शामिल होंगे। भूमिका-अभिनय आधारित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सक्षम केस शिक्षण जैसी नवीन शिक्षण पद्धतियों पर भी चर्चा की जाएगी।
इस अवसर पर भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के कार्यकारी निदेशक और आईसीसी 2026 के मुख्य संरक्षक प्रोफेसर संजीव पराशर ने कहा कि केस-आधारित शिक्षण सिद्धांत और व्यवहार के बीच की दूरी को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन और इसकी सम्मेलन-पूर्व कार्यशाला सार्थक शैक्षणिक संवाद को बढ़ावा देने और व्यवहार-आधारित प्रबंधन शिक्षा के पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने का प्रयास है।
इस सम्मेलन को छत्तीसगढ़ शासन के छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम और पंजाब नेशनल बैंक का समर्थन प्राप्त है, जबकि एमराल्ड पब्लिशिंग और सर्विस सेतु अकादमिक्स शैक्षणिक प्रसार और व्यापक पहुँच के लिए सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े हैं।
‘व्यवसाय स्वामी निर्माण’ की अपनी दृष्टि के अनुरूप, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर अनुभवात्मक शिक्षण को निरंतर बढ़ावा दे रहा है, जो आलोचनात्मक सोच, नैतिक नेतृत्व और वास्तविक व्यावसायिक जटिलताओं की गहन समझ विकसित करने में सहायक है।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा
