नैनीताल, 29 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद स्थित भीमताल में पहली बार किसी महिला ने पर्यटकों को झील भ्रमण कराने के लिए चप्पू वाली नाव का संचालन शुरू किया है। भीमताल झील में नाव चलाने वाली गीता बिष्ट की यह पहल स्थानीय स्तर पर महिला आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक आजीविका और पर्यटन से जुड़े रोजगार के नए आयाम खोलने वाली मानी जा रही है। अब तक पुरुष प्रधान माने जाने वाले इस क्षेत्र में महिला की सक्रिय भागीदारी ने पारंपरिक सोच को चुनौती दी है।

गीता बिष्ट अधेड़ उम्र की महिला हैं, जो अपने परिवार के भरण पोषण के लिए पहले झील किनारे छोटी दुकान चलाती थीं। सीमित आय और बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने नौकायन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। प्रतिदिन सुबह घरेलू कार्य निपटाने के बाद वह झील पहुंचती हैं और अपनी बारी आने पर पर्यटकों को नाव से भ्रमण कराती हैं। नौकायन के दौरान वह केवल नाव संचालन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पर्यटकों को भीमताल की लोककथाएं, ऐतिहासिक प्रसंग और झील से जुड़े रोचक तथ्य भी बताती हैं, जिससे सैलानियों का अनुभव अधिक यादगार बन रहा है।

गीता बिष्ट की नाव में सैर करने वाले पर्यटक उनके साहस, मेहनत और आत्मविश्वास की सराहना कर रहे हैं। कई पर्यटकों का कहना है कि यह पहल दर्शाती है कि महिलाएं कठिन और जिम्मेदारीपूर्ण कार्यों में भी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकती हैं। सामाजिक दृष्टि से यह प्रयास महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और पर्यटन विकास से सीधे जुड़ा हुआ है। यदि प्रशासन और पर्यटन विभाग ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहन दें, तो भीमताल जैसे पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं और झील क्षेत्र महिला सहभागिता का एक प्रेरक उदाहरण बन सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी
