मीरजापुर, 29 जनवरी (हि.स.)। मुंबई में एक टायर गलाने की फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने मीरजापुर के दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। हलिया थाना क्षेत्र के केवलझर बैधा गांव निवासी दो श्रमिकों की इस हादसे में जलकर मौत हो गई। गुरुवार को जब पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से दोनों के शव गांव पहुंचे, तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा।
गांव निवासी भागवत विश्वकर्मा (32) और रघु कोल (35) करीब 15 दिन पहले रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई गए थे। दोनों वहां एक पुराना टायर गलाने वाली फैक्ट्री में मजदूरी कर रहे थे। बीते मंगलवार को अचानक फैक्ट्री में आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि दोनों श्रमिक उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी जलकर मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया और गुरुवार को एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव भिजवाया। शव घर पहुंचते ही परिजनों का धैर्य टूट गया। भागवत विश्वकर्मा की पत्नी लल्ली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके तीन छोटे-छोटे बेटे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं रघु कोल की पत्नी फुलवा भी बेसुध होकर विलाप करती नजर आईं। रघु के चार बच्चे हैं, जो अब अपने पिता को कभी नहीं देख पाएंगे।
मृतकों के पिता साधु लाल और कल्लन ने बताया कि मुंबई की टायर फैक्ट्री में आग लगने के दौरान उनके बेटों की मौत हो गई। गांव से कमाने गए दोनों श्रमिकों की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
