देहरादून, 29 जनवरी (हि.स.)। लोक भवन में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवि दत्त गोदियाल और अन्य सदस्यों ने गुरुवार को लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह से शिष्टाचार भेंट की और आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आयोग की ओर से किए जा रहे कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी राज्यपाल को दी गई।

इस अवसर पर राज्यपाल ने आयोग की नवाचारी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग को अपने कार्यों में नवीन तकनीक का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों का पालन करने पर विशेष जोर दिया।

राज्यपाल ने सुझाव दिया कि आयोग के 25 वर्षों के अनुभव, चुनौतियां और उपलब्धियां संकलित कर पुस्तक के रूप में प्रकाशित की जाए, जिससे भविष्य में कार्यप्रणाली और बेहतर हो सके। उन्होंने अन्य राज्यों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ प्रक्रियाओं (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर आवश्यकतानुसार उन्हें लागू करने की भी बात कही।
अध्यक्ष ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2025 में आयोग की ओर से आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से कुल 3,149 अभ्यर्थियों की चयन संस्तुति शासन को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन पर भी कार्य प्रगति पर है,जिससे मूल्यांकन अधिक त्रुटिरहित और पारदर्शी बने।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आयोग मोबाइल एप्लीकेशन विकसित कर रहा है। जिससे उन्हें परीक्षाओं से संबंधित सभी सूचनाएं सीधे प्राप्त होंगी। इसके अलावा,अभ्यर्थियों को उनके प्राप्तांक देखने की सुविधा के लिए नई ऑनलाइन व्यवस्था भी बनाई जा रही है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य अनिल कुमार राणा, नंदी राजू श्रीवास्तव, डॉ. रिचा गौर, सचिव अशोक कुमार पांडे, परीक्षा नियंत्रक जयवर्धन शर्मा और व्यवस्थाधिकारी सुनील भट्ट उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
