जोधपुर, 29 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने संसद में प्रस्तुत राष्ट्रपति के अभिभाषण एवं आर्थिक सर्वेक्षण 2025 पर कहा कि ये दोनों दस्तावेज इस बात के अकाट्य प्रमाण हैं कि भारत अब तात्कालिक समाधानों की राजनीति से ऊपर उठकर, एक समावेशी और दीर्घकालिक विकसित भारत की नींव रख चुका है। उन्होंने कहा कि विकास को अब केवल कागजों पर नहीं बल्कि लोगों के जीवन में आए सुधार से मापा जा रहा है।

गुरुवार शाम जोधपुर सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने वैश्विक परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि जहां दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं महंगाई और मंदी से जूझ रही हैं, वहीं भारत ने एक आर्थिक नजीर पेश की है। पिछले एक दशक में दहाई अंकों में रहने वाली महंगाई को 4-4.5 प्रतिशत के दायरे में सीमित रखना मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कभी फोन बैंकिंग और एनपीए के पहाड़ से दबे भारतीय बैंक आज पूरी तरह स्वस्थ हैं। एनपीए अपने सर्वकालिक न्यूनतम स्तर पर है और बैंकों की बैलेंस शीट आज निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए शेखावत ने कहा कि पिछले वर्षों में 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से बाहर आना सामाजिक न्याय की एक ऐतिहासिक वैश्विक घटना है। 4 करोड़ पक्के आवास (32 लाख केवल पिछले एक वर्ष में) और 12.5 करोड़ परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराना, सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि डीबीटी के माध्यम से 6.75 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचने से भ्रष्टाचार की जड़ों पर प्रहार हुआ है।
कृषि क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों को रेखांकित करते हुए शेखावत ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध, चीनी और दलहन उत्पादक देश बन गया है। चावल उत्पादन में हमने चीन को पछाडक़र शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। कृषि जीडीपी में पशुधन का योगदान 4 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत हो गया है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई नीली क्रांति के चलते मत्स्य उत्पादन में 105 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
शेखावत ने कहा कि आज भारत का विकास ‘इंफ्रास्ट्रक्चर-लेड’ है। 150 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन और 1,000 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बनाता है। अष्टलक्ष्मी (पूर्वोत्तर भारत) अब विकास का नया इंजन है। वहां 50,000 किलोमीटर ग्रामीण सडक़ें और 80,000 करोड़ रुपये का रेलवे निवेश ऐतिहासिक है। असम में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स भारत की तकनीकी क्षमता का नया वैश्विक चेहरा हैं।
केंद्रीय मंत्री ने शेखावत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए हालिया ट्रेड एग्रीमेंट को ‘मदर ऑफ ऑल एग्रीमेंट्स’ की संज्ञा दी। इस समझौते के बाद भारत से निर्यात होने वाली 98.5 प्रतिशत वस्तुओं पर शून्य ड्यूटी लगेगी, जिससे जेम्स-ज्वेलरी, टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर को भारी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में शून्य मोबाइल यूनिट से शुरू हुआ सफर आज भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बना चुका है। पिछले एक साल में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के स्मार्टफोन निर्यात किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत तक लाने का स्पष्ट रोडमैप और 7.2-7.8 प्रतिशत की अनुमानित विकास दर यह सिद्ध करती है कि भारत आत्मविश्वास से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दावोस के आर्थिक महाकुंभ में भी आज पूरी दुनिया भारत की ओर उम्मीद की दृष्टि से देख रही है।——–
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश
