मुंबई, 29 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के बाद अब कोंकण के पांच जिलों में कोलीवाड़ा का सर्वे और उनका सीमांकन करने का फैसला किया है। इसके लिए कोंकण डिविजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। राजस्व विभाग ने गुरुवार को इस बारे में सरकारी फैसला जारी किया। कमेटी को अपनी रिपोर्ट देने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है।

कोंकण के ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में समुद्र तट के किनारे कई कोलीवाड़ा हैं। इन कोलीवाड़ा की सीमाएं लैंड रिकॉर्ड ऑफिस में दर्ज नहीं हैं। इसलिए इन चार जिलों में कोलीवाड़ा का फिजिकल सर्वे करने और सीमा तय करने का फैसला किया गया है। इसके लिए कोंकण डिविजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है जो अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और संबंधित गाइडलाइंस तय करेगी।

कोंकण तटीय इलाके के 5 ज़िलों ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में कोलीवाडे वाले गांवों की तहसील के हिसाब से लिस्ट तैयार करना, सबसे ऊंची टाइड लाइन, मैरीटाइम बोर्ड की बाउंड्री लाइन और मैंग्रोव जंगलों की बाउंड्री लाइन तय करने के लिए जिला लेवल की कमेटी बनाना। इन ज़िलों में कोलीवाडे की हदबंदी का प्रोसेस तय करना और इस बारे में गाइडलाइन जारी करना। सर्वे और हदबंदी के प्रोसेस के हिसाब से ऐसे काम को करने के लिए संबंधित ज़िलाधिकारी को जरूरी गाइडेंस देना। इस बारे में एक टाइम-बाउंड प्रोग्राम तय करने के लिए इस कमेटी के लिए प्रक्रिया तय की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
