मुंबई, 29 जनवरी (हि.स.)। मुंबई उपनगर के विद्याविहार रेलवे स्टेशन पर बन रहा फ्लाईओवर मुंबईकरों के लिए जून महीने में खल जाने की संभावना है। बीएमसी प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट का काम 25 जून 2026 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

यह फ्लाईओवर बीएमसी के ‘एन’ ज़ोन की सीमा में ईस्ट और वेस्ट को जोड़ेगा। इसे बीएमसी बना रही है। ब्रिज के पूर्वी दिशा के सभी काम 28 फरवरी 2026 तक पूरे हो जाएंगे। ब्रिज के पश्चिमी हिस्से पर प्रभावित रहिवासी और कमर्शियल स्ट्रक्चर को हटाने तथा रोड अलाइनमेंट को फिर से तय करने का प्रोसेस तुरंत पूरा किया जाना है। अतिरिक्त मनपा आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने गुरुवार को परियोजना के कामों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि फ्लाईओवर के काम में तेज़ी लाई जानी चाहिए। आने वाले मॉनसून सीज़न को देखते हुए, ब्रिज के सभी ज़रूरी काम 31 मई 2026 से पहले पूरे करने की प्लानिंग की जानी चाहिए। सरफेसिंग और फाइनल काम पूरा करके 25 जून 2026 तक ब्रिज को यातायात के लिए खोलने की कोशिश की जाए।

घाटकोपर इलाके के पूर्व में रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग और पश्चिम में लाल बहादुर शास्त्री मार्ग को जोड़ने के लिए विद्याविहार रेलवे स्टेशन की पटरियों के ऊपर एक फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इस फ्लाईओवर में रेलवे पटरियों के ऊपर लगभग 100 मीटर लंबा एक मेन ब्रिज शामिल है। लाल बहादुर शास्त्री मार्ग और रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को जोड़ने वाले इस फ्लाईओवर में कुल दो लेन हैं। 650 मीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में रेलवे ट्रैक पर 100 मीटर का ब्रिज बनाया जा रहा है, जबकि पूर्वी दिशा की तरफ 220 मीटर और पश्चिम की तरफ 330 मीटर का ब्रिज बनाया जा रहा है। इस फ्लाईओवर से विद्याविहार रेलवे स्टेशन के फुटपाथ को जोड़ने वाली एक कनेक्टिंग रोड भी दी जा रही है। साथ ही दोनों तरफ रेलवे टिकट काउंटर, स्टेशन मास्टर का ऑफिस फिर से बनाया गया है। पैदल चलने वालों के रास्ते को रेलवे बाउंड्री के अंदर सीढ़ियों के जरिए साइड रोड से जोड़ा जा रहा है।
अभिजीत बांगर के अनुसार फ्लाईओवर के पूर्वी हिस्से का काम आखिरी स्टेज में है। पूर्वी हिस्से में पक्का अप्रोच बनाने और पूरे ब्रिज की सरफेसिंग समेत सभी काम 28 फरवरी 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। अब तक पश्चिमी हिस्से में छह पिलर खड़े किए जा चुके हैं। बाकी चार पिलर, पुल का स्पैन, अप्रोच रोड वगैरह का कंस्ट्रक्शन बाकी है। इन कामों को करते समय ट्रैफिक डायवर्जन एक बड़ी चुनौती है। इसलिए काम के दौरान ट्रैफिक के लिए ज़्यादा जगह देने के लिए, पुल के दोनों तरफ सड़क का काम पहले पूरा किया जाएगा। उसके बाद पुल के बाकी कामों में प्रभावित रेजिडेंशियल और कमर्शियल स्ट्रक्चर को हटाना और सड़क का अलाइनमेंट फिर से तय करना शामिल होगा। बांगर ने बताया कि दोनों प्रोसेस के पूरा होने के बाद फ्लाईओवर के काम में तेज़ी आएगी। आने वाले मानसून सीजन को देखते हुए, फ्लाईओवर के सभी बड़े ज़रूरी काम 31 मई, 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। उसके बाद सरफेसिंग और दूसरे आखिरी काम किए जाने हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
