कोलकाता, 29 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष अधिकारी राजीव कुमार ने अपने विदाई भाषण में बंगाल पुलिस की भूमिका और योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश में बंगाल पुलिस सबसे बेहतरीन पुलिस बलों में से एक है और माओवादी दमन में इसकी अहम भूमिका रही है।

राजीव कुमार के मुताबिक, पुलिस को हर दिन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है और इस सफर में होमगार्ड से लेकर शीर्ष अधिकारियों तक, सभी का योगदान समान रूप से महत्वपूर्ण है।

अपने संबोधन में उन्होंने पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि ईमानदार साहस ही पुलिस का सबसे बड़ा हथियार है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि साहस का मतलब केवल कार्रवाई करना या गोली चलाना नहीं होता, बल्कि विवेक और जिम्मेदारी के साथ सही निर्णय लेना ही असली बहादुरी है।
विदाई के मौके पर राजीव कुमार का यह भाषण ऐसे समय में आया है, जब बंगाल पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल और बहसें चल रही हैं। जानकारों का मानना है कि उनके भाषण में ‘ईमानदार साहस’ पर दिया गया जोर, पुलिस के लिए एक नैतिक संदेश के साथ-साथ मौजूदा परिस्थितियों में संतुलन और संयम बनाए रखने की सीख भी देता है।
राजीव कुमार के विदाई भाषण को पुलिसकर्मियों के प्रति समर्थन और भरोसे के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने वर्दीधारियों के काम की सराहना करते हुए उनके योगदान को सम्मानित किया।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
