जोरहाट (असम), 29 जनवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीते चार वर्षों में गठबंधन के नाम पर होटल लिली से लेकर बिहाली के ढाबों तक कई बैठकें की गईं, लेकिन आज तक विपक्ष किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है।

टियोक में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की न तो कोई स्पष्ट स्थिति है और न ही उसकी बातों पर भरोसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का असली रुख जानने के लिए नामांकन की अंतिम तिथि तक इंतज़ार करना पड़ेगा। चुनाव से पहले ही विपक्षी गठबंधन में दरार की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की।

असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को सलाह देने से पहले लुरिनज्योति को उस कांग्रेस से गठबंधन तोड़ना चाहिए, जिस पर उन्होंने 860 शहीदों की हत्या का आरोप लगाया था। उन्होंने शहीद स्मारक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एसआर के ज़रिए ‘मियां’ नामकरण के खिलाफ लुरिनज्योति का विरोध शर्मनाक है।
मुख्यमंत्री ने शहीदों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए लुरिनज्योति गोगोई की कड़ी आलोचना की। इससे पहले, मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने टियोक में उद्यमिता योजना के तहत लाभार्थियों को चेक वितरित किए।
अगप-भाजपा गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों दल पहले भी दो बार आपसी समझ से चुनाव लड़ चुके हैं और पंचायत चुनाव भी बेहतर समन्वय के साथ लड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन की अहमियत और मजबूती को दोनों दल भली-भांति समझते हैं और इसमें किसी तरह का कोई संदेह नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश
