कोरबा, 01 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं है, बल्कि जल्द से जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। यह बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है और वर्तमान के सपनों को साकार करने वाला है। भारत जिन रिफॉर्म्स पर सवार है, इस बजट से उन्हें नई गति मिलेगी।

सरोज पांडेय ने कहा कि सनराइज सेक्टर को जिस मजबूती के साथ महत्व दिया गया है, वह बेहद अहम है। रेयर अर्थ कॉरिडोर, क्रिटिकल मिनरल्स पर बल, टेक्सटाइल, हाईटेक टूल मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रावधान भविष्य और वर्तमान की जरूरतों को ध्यान में रखते हैं। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, टियर-टू और टियर-थ्री शहरों के विकास पर ध्यान जैसे कदम विकसित भारत की यात्रा को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके नागरिक होते हैं और सरकार ने इस दिशा में निवेश किया है। स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है।

उन्होंने कहा कि यह बजट युवा शक्ति को समर्पित है। ऑरेंज इकोनॉमी, पर्यटन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। भारत को दुनिया का डेटा सेंटर हब बनाने के लिए टैक्स में बड़ी छूट दी गई है, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। देश में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं, ऐसे में महिलाओं द्वारा निर्मित और संचालित समूहों को मजबूत करने का प्रावधान बजट में किया गया है। सरकार का प्रयास है कि हर घर तक लक्ष्मी पहुंचे। साथ ही हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने का भी प्रावधान किया गया है।
सरोज पांडेय ने कहा कि केंद्रीय बजट में “रिफॉर्म ओवर रेटॉरिक” के मार्गदर्शक सिद्धांत के तहत सरकार ने देश की संभावनाओं को प्रदर्शन में बदलने के लिए तीन प्रमुख कर्तव्य तय किए हैं। इनमें उत्पादकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाना, जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर उन्हें समृद्धि का सहभागी बनाना और सबका साथ, सबका विकास के विजन को साकार करना शामिल है, ताकि हर क्षेत्र और समुदाय को समान अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि 500 जलाशयों का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट, महिला समूहों और एफपीओ को बढ़ावा देना इस समावेशी विकास बजट की विशेषता है। इससे कोस्टल क्षेत्रों के साथ-साथ इनलैंड सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम जल संसाधनों को आय के स्थायी स्रोत में बदलते हुए मछुआरों, महिला समूहों और छोटे उत्पादकों को संगठित बाजार से जोड़कर समावेशी विकास को धरातल पर उतारेगा।
अंत में सरोज पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जोड़ने वाला साबित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी
