गुवाहाटी, 01 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक टेम्पलेट बजट है, जिसमें बदलती वैश्विक परिस्थितियों के प्रति कोई वास्तविक दृष्टिकोण नहीं है। लोकसभा में विपक्षी दल के उप-प्रमुख और असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए की।

उन्होंने कहा बजट में सरकार की आत्मसंतुष्टि और जिम्मेदारीहीन मानसिकता का प्रतिबिंब देखने को मिलता है। गोगोई ने कहा कि जब विश्व अर्थव्यवस्था गंभीर बदलाव की ओर अग्रसर है, उस समय यह बजट राष्ट्रीय जनता को कोई स्पष्ट रास्ता दिखाने में पूरी तरह विफल है।

बजट की विशेषताओं के संदर्भ में टिप्पणी करते हुए गोगोई ने कहा, अगर यह चुनावी वर्ष होता तो भाजपा निश्चित रूप से एक आक्रामक बजट पेश करती और दीर्घकालिक सुधारों के बारे में बताती। लेकिन वर्तमान बजट में वह साहस और दूरदर्शिता दिखाई नहीं देती। इस बजट को देखकर आने वाले तीन वर्षों में केवल समय बिताने की मानसिकता के साथ कार्य करने की प्रवृत्ति स्पष्ट होती है।
उन्होंने साथ ही कहा कि बजट में रचनात्मक परिवर्तन की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। बल्कि, चयनित कुछ कॉर्पोरेट दोस्तों और बड़े व्यावसायिक हितों के लिए आरामदायक व्यवस्था सुनिश्चित करना ही बजट का मुख्य उद्देश्य प्रतीत होता है।
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य का उल्लेख करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और जापान जैसे देशों ने दीर्घकालिक सुधारों के माध्यम से अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। लेकिन भारतीय नागरिकों को इस बजट के माध्यम से कोई संकल्प या दिशा-निर्देश नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें केवल संदेह, शंका और चिंता का सामना करना पड़ेगा।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि, आज पेश किये गये केंद्रीय बजट देश की वर्तमान और भविष्य की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में असफल रहा है और यह भाजपा सरकार की दूरदर्शिता की कमी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।—————–
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
