जलपाईगुड़ी, 01 फरवरी (हि. स.)। इस वर्ष जल्पेश मेले का इजारा (ठेका) 33 लाख से अधिक की राशि में स्थानीय एक व्यवसायी को दिया गया है। इजारे की यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग सात लाख रुपये ज्यादा है। बीते साल मेले का इजारा 26 लाख रुपये में हुआ था। इस बार जिला परिषद की ओर से करीब दस प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ टेंडर आमंत्रित किया गया।

जलपाईगुड़ी जिला परिषद की सभाधिपति कृष्णा रॉय बर्मन ने बताया कि जल्पेश मेले के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 33 लाख 33 हजार 334 रुपये में इजारा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दुकानों का किराया पहले से तय कर दिया गया है और मेले को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई है।

15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर जल्पेश मंदिर पूरी तरह सज-धज कर तैयार हो रहा है। मंदिर परिसर में रंग-रोगन का काम अंतिम चरण में है। मुख्य मंदिर के साथ-साथ गर्भगृह, महाकाल मंदिर, कुबेरेश्वर मंदिर, नारायण मंदिर और काली मंदिर में भी नई रंग की जा रही है। मेला मैदान में झूले (नागरदोला) लगाए जा रहे हैं और दुकानों के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।
जल्पेश मंदिर ट्रस्टी बोर्ड के सचिव गिरिंद्रनाथ देव ने बताया कि शिवरात्रि के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खोल दिया जाएगा। मंदिर को अत्याधुनिक रोशनी से सजाया जाएगा।
मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। मयनागुड़ी के इंदिरा मोड़ से लेकर जल्पेश मेला मैदान तक कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा मोबाइल वैन से लगातार गश्त की जाएगी। मंदिर परिसर में वर्दीधारी पुलिस के साथ-साथ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे।
मयनागुड़ी थाना के आईसी सुबल घोष ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर और आसपास के इलाकों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष मेले में दुकानदारों से अतिरिक्त पैसे वसूलने के आरोप इजारेदार पर लगे थे, जिसके विरोध में दुकानदारों ने दुकानें बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया था। इस साल दुकानदारों का कहना है कि पिछले वर्ष जैसी स्थिति दोबारा न बने। यदि दुकानों का किराया बढ़ाया गया तो कई व्यापारी मेला में दुकान लगाने से पीछे हट सकते है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
