विदिशा, 01 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा में पीड़ित मानवता की सेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए आज्ञाराम कॉलोनी, गांधी नगर निवासी स्व. राजाराम पवार का देहदान राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। विकास पचैरी फाउंडेशन द्वारा संचालित देहदान, नेत्रदान एवं रक्तदान जागरूकता मिशन के अंतर्गत रविवार को अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज, विदिशा में उनके पार्थिव शरीर की देहदान प्रक्रिया पूर्ण की गई। इस देहदान के साथ मेडिकल कॉलेज में फाउंडेशन के सहयोग से दान किए गए पार्थिव शरीरों की कुल संख्या 27 हो गई है।

इस अवसर पर बताया गया कि स्व. राजाराम पवार एवं उनकी पत्नी शोभा पवार ने 16 जुलाई 2019 को फाउंडेशन के अभियान से प्रेरित होकर मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया था। उन्होंने विधिवत वसीयत में उल्लेख किया था कि मृत्यु के पश्चात उनका पार्थिव शरीर किसी भी मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए, ताकि उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा के कार्य आ सके।

बीते दिनों उनके निधन के उपरांत परिजनों ने समाजसेवी विकास पचैरी के सहयोग से रविवार को उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया। देहदान से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा स्व. पवार के पार्थिव शरीर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा अर्पित किया गया तथा पुलिस बल ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में परिजनों, मेडिकल स्टाफ और अन्य उपस्थितजनों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाजसेवी विकास पचैरी ने बताया कि देहदान संकल्प प्रक्रिया पूर्णतः निरूशुल्क है। इच्छुक व्यक्ति आधार कार्ड और दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ शेरपुरा, विदिशा स्थित सेवा घर पहुंचकर संकल्प प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देहदान से चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलती है और यह मानवता के लिए सर्वोच्च सेवा का कार्य है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
