जयपुर, 01 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक, दिशाहीन और भ्रमित करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से पूंजीगत व्यय में हर साल करीब एक लाख करोड़ रुपए की बचत हो रही है, ऐसे में केवल कागजों में आंकड़े बढ़ाकर वाहवाही लूटने का प्रयास जनता से छिप नहीं सकता।

पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और स्किल डेवलपमेंट जैसी योजनाओं में सरकार लगभग 33 हजार करोड़ रुपए खर्च नहीं कर पाई, जिससे स्पष्ट है कि ग्रामीण गरीब सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं। इसी तरह जल जीवन मिशन में भी करीब 50 हजार करोड़ रुपए खर्च नहीं हुए, क्योंकि केंद्र सरकार ने समय पर राज्यों को राशि ट्रांसफर ही नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत पर ही सीमित रखा है, वहीं मनरेगा में राज्यों के 40 प्रतिशत हिस्से के भुगतान के लिए भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि राज्यों की हिस्सेदारी कम से कम 45 प्रतिशत की जानी चाहिए।

सचिन पायलट ने बजट को राजस्थान के लिए बेहद निराशाजनक बताते हुए कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के लिए जल संसाधन मंत्रालय के बजट में एक भी रुपए का प्रावधान नहीं किया गया। इसके अलावा घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों में से एक भी राजस्थान को नहीं मिलना और पुरानी स्वीकृत रेल लाइनों के लिए पर्याप्त बजट नहीं देना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार को राजस्थान की जनता की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भी इस बजट में कोई ठोस राहत नहीं दिखती। पायलट ने केंद्र सरकार से बेरोजगारी पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए कहा कि यह बजट बेरोजगारी बढ़ाने वाला है और शिक्षित व उच्च शिक्षित युवाओं को भी छोटी-मोटी, निम्न स्तर की नौकरियां करने को मजबूर करेगा।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
