नई दिल्ली, 01 फ़रवरी (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने ऑपरेशन मिलाप के तहत जनवरी 2026 के दौरान 28 लापता/अपहृत बच्चों सहित कुल 75 लापता व्यक्तियों को तलाश कर सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया। इस अभियान ने कई परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी।

दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने रविवार को बताया कि जैसे ही किसी बच्चे या व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली, संबंधित थाना पुलिस ने बिना देरी किए तलाश अभियान शुरू किया। स्थानीय स्तर पर पूछताछ के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज की जांच, ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर फोटो दिखाने जैसे प्रयास किए गए। बस चालकों, कंडक्टरों, दुकानदारों और स्थानीय मुखबिरों की मदद भी ली गई। इसके अलावा आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड भी खंगाले गए। इन समन्वित प्रयासों का नतीजा यह रहा कि 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने 47 लापता वयस्कों और 28 बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिवारों को सौंप दिया।

पुलिस उपाुयक्त के अनुसार वसंत कुंज साउथ थाना क्षेत्र से सबसे अधिक 9 नाबालिग लड़कियों को खोजा गया, जबकि पालम गांव थाना पुलिस ने 6 बच्चों और 13 वयस्कों को ढूंढ निकाला। सागरपुर, किशनगढ़, कापसहेड़ा, आरके पुरम, वसंत विहार, साउथ कैंपस, दिल्ली कैंट और सरोजनी नगर सहित अन्य थानों की पुलिस टीमों ने भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन मिलाप परिवारों को फिर से जोड़ने की कोशिश है। कई मामलों में बच्चे बहकावे में घर छोड़कर चले गए थे, तो कुछ वयस्क निजी कारणों से लापता हो गए थे। पुलिस टीमों ने संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए सभी को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी
