कोलकाता, 01 फरवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा है कि इस बजट में बंगाल को वंचित नहीं किया गया है, बल्कि राज्य के लिए औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास की व्यापक संभावनाएं निहित हैं।

अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय बजट ने पश्चिम बंगाल के लोगों के दिलों में आशा की नई किरण जगाई है। उन्होंने दावा किया कि बजट में अवसंरचना विकास के लिए बड़े निवेश की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है, जिससे राज्य में औद्योगीकरण को गति मिलेगी।

प्रस्तावित परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश का पहला तटीय औद्योगिक गलियारा—ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर—तमिलनाडु से पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर तक विकसित किया जाएगा, जो बंदरगाहों, राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे और औद्योगिक क्लस्टरों को जोड़ेगा। इससे बंगाल में उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल माहौल बनेगा।
उन्होंने कहा कि डानकुनी से सूरत तक प्रस्तावित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक उच्च गति रेल कॉरिडोर से पश्चिम बंगाल की औद्योगिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
नेता प्रतिपक्ष ने आयकर और जीएसटी में दी गई रियायतों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 12 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त किए जाने और जीएसटी में दी गई छूट का लाभ आम लोगों को मिल रहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने बजट को “जनोन्मुखी” बताते हुए कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को सशक्त बनाने, युवाओं के लिए रोजगार सृजन और समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हालांकि, उन्होंने राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक राज्य में “भ्रष्ट” सरकार बनी रहेगी, तब तक केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाएगा।
उन्होंने बंगाल में “डबल इंजन सरकार” की आवश्यकता पर जोर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
