नई दिल्ली, 01 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ट्रैफिक पुलिस कर्मियों और सरकारी अधिकारियों से उगाही करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो अलग-अलग मामलों में ट्रैफिक धोखाधड़ी और उगाही सिंडिकेट से जुड़े दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके साथ अब तक इस नेटवर्क से जुड़े कुल 10 आरोपित, जिनमें गैंग लीडर जीशान अली और राजकुमार उर्फ राजू मीणा शामिल हैं।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने रविवार को बताया कि पहली कार्रवाई में अमीर चौधरी उर्फ सिकंदर को गिरफ्तार किया गया है, जो पहले से गिरफ्तार किंगपिन जीशान अली का करीबी सहयोगी है। यह गिरोह ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी के दौरान चोरी-छिपे वीडियो बनाता था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलता था।

दूसरी कार्रवाई में संजय गुप्ता को दबोचा गया, जो कुख्यात गैंग लीडर राजकुमार उर्फ राजू मीणा का साथी है। पुलिस के अनुसार संजय को ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के वीडियो रिकॉर्ड करने और उन्हें एडिट कर झूठे आरोपों के साथ उगाही करने की ट्रेनिंग दी गई थी। आरोपित इन वीडियो के जरिए विभागीय कार्रवाई, निलंबन और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार पहला मामला अप्रैल 2025 में तब सामने आया, जब एक कमर्शियल वाहन ने फर्जी “03 मार्च” स्टिकर लगाकर चेकिंग से बचने की कोशिश की। जांच के दौरान व्हाट्सऐप ग्रुप्स और डिजिटल सबूतों से एक संगठित अपराध सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ। इस केस में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दूसरा मामला दिसंबर 2025 में दर्ज किया गया, जिसमें 2015 से सक्रिय आदतन अपराधी राजकुमार उर्फ राजू मीणा और उसके साथियों पर मकोका सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ। इस गिरोह ने वर्षों तक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर अवैध रूप से बड़ी रकम वसूली।
पुलिस ने बताया कि अमीर चौधरी को एक सरकारी कर्मचारी से उगाही की रकम लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। उसके पास से 60 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। वहीं संजय गुप्ता के पास से एक मोबाइल फोन और कूरियर रसीदें मिली हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी
