ऊना, 01 फ़रवरी (हि.स.)। स्वर्गीय कंवर हरि सिंह के जन्मदिन पर प्रेस क्लब हरोली ओर हरोली ब्लॉक इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में पिता–पुत्री एक साथ रक्तदान करने पहुंचे। बाप–बेटी की जोड़ी ने समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। नंगल कलां निवासी दिलबाग सिंह (52) और उनकी पुत्री नेहा चौधरी (23) ने एक साथ रक्तदान कर मानवीय सेवा का संदेश दिया। दिलबाग सिंह ने जहां 25वीं बार रक्तदान किया, वहीं उनकी पुत्री नेहा ने पहली बार रक्तदान कर पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।

पेशे से कॉन्ट्रैक्टर दिलबाग सिंह वर्षों से नियमित रक्तदाता हैं। उन्होंने बताया कि रक्तदान न केवल जरूरतमंदों के लिए जीवनरक्षक साबित होता है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार मिलकर इस तरह के कार्य करें तो इसका असर कई गुना बढ़ जाता है।

वहीं, नोएडा में कार्यरत इंजीनियर नेहा चौधरी ने अपने पहले रक्तदान अनुभव को यादगार बताते हुए कहा कि पिता से ही उन्हें सेवा और संवेदना की सीख मिली है। नेहा ने युवाओं, विशेषकर बेटियों से आगे आकर रक्तदान करने का आह्वान किया और कहा कि डर या भ्रम के कारण पीछे नहीं हटना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों और आयोजकों ने पिता–पुत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक सोच और रक्तदान के प्रति भरोसा पैदा करते हैं। स्थानीय लोगों ने भी इसे प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि परिवार स्तर पर इस तरह की पहल से रक्तदान को जनआंदोलन बनाया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल
