कानपुर, 01 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री को हिरासत में लेने से नाराज अधिवक्ताओं ने नवाबगंज थाने में बैठकर जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पुलिस आयुक्त समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के लहजे से 10 स्थान का फोर्स और पीएसी को भी बुलाया गया। करीब सात घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने देर रात वकील को पूछताछ कर छोड़ दिया।

संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद कुमार सिंह ने बताया कि साल 2021 में एनआरआई सिटी क्षेत्र में एक युवक की हत्या हो गई थी। मामले में केस दर्ज आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। तब इस केस में पीड़ित के बेटे ने विवेचना को लेकर असहमति जताई थी। करीब दो महीने पहले ही शिकायती पत्र देते हुए विवेचना की मांग दोबारा की गई। विवेचना के क्रम में एक अधिवक्ता राकेश तिवारी का नाम सामने आया। इसके अलावा दो कारोबारी जो नवाबगंज स्थित एनआरआई सिटी के निदेशक हैं। उनका भी नाम सामने आया था।

उन्होंने बताया कि तीनों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जो विवेचना का एक हिस्सा है। इस मामले में जो भी हत्यारे थे। उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
अधिवक्ता की गिरफ्तारी की बात सुनते ही नवाबगंज थाने में 100 से भी ज्यादा वकील मौके पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ता देख पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल समेत रावतपुर कल्याणपुर, स्वरूप नगर, कर्नलगंज, ग्वालटोली सहित करीब 10 स्थान का फोर्स और पीएसी भी बुला ली गई।
महामंत्री अमित सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस अधिवक्ताओं का मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रही है। वह अधिवक्ता राकेश तिवारी को हत्या के मुकदमे में फसाना चाहती है। इसीलिए उन्हें थाने बुलाया गया है। मामला 2021 का है जबकि 2022 में चार्टसीट आ चुकी है। कोर्ट में ट्रायल भी चल रहा है। यदि उन्हें नहीं छोड़ा गया। तो हम इसके खिलाफ सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। साथ ही पुलिस को कचहरी परिसर में घुसने नहीं दिया जाएगा।
हालांकि 7 घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद अधिवक्ता राकेश तिवारी को देर रात छोड़ दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
