तेजी से आगे बढ़ते मध्य प्रदेश को मिलेगा विशेष लाभः जगदीश देवड़ा

भोपाल, 01 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट को विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की ओर एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने इसके लिए मध्य प्रदेश के नागरिकों की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कोटि-कोटि बधाई दी और कहा कि इस बजट से मध्य प्रदेश जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्य को भी लाभ मिलेगा।

वित्त मंत्री देवड़ा ने रविवार को केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेज गति से अपनी जीडीपी में बढ़ोतरी कर रहा है। पूंजीगत व्यय में हमारा प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है। अब कैपेक्स बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ किया गया है। केन्द्रीय बजट में पूंजीगत व्यय के लिये राज्यों को विशेष पूंजीगत सहायता योजना में दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। जो विगत वर्ष से 50 हजार करोड़ रूपये अधिक है। इस योजना में मध्य प्रदेश को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये प्राप्त होने की संभावना होगी। इससे अधोसंरचनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने में भी मदद मिलेगी। अन्य राज्यों की तुलना में मप्र में एमएसएमई विकास का सबसे अच्छा इको-सिस्टम बना है। इस बजट से एमएसएमई सेक्टर को भरपूर विस्तार मिलेगा। उन्होंने कहा कि बजट में गरीब, युवा अन्नदाता और नारी शक्ति वर्ग पर विशेष फोकस है। उन्होंने कहा बजट में जिन तीन प्रमुख कर्तव्यों का उल्लेख है म.प्र. उनका पालन करते हुए आगे बढ़ रहा है।
आर्थिक वृद्धि, जन आकांक्षाओं का सम्मान और सबका साथ सबका विकासबजट की विशेषताएं बताते हुए देवडा ने कहा कि मोदी सरकार 3.0 का तीसरा बजट ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना के अनुरूप है। बायोफार्मा हब बनाने की पहल के दूरगामी परिणाम आएंगे। विनिर्माण क्षेत्रों का रणनीतिक विकास किया जायेगा। लखपति दीदी विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की पहल स्वागत योग्य है। इसके तहत सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट बनाए जाएंगे जो क्लस्टर स्तरीय फेडरेशन के अंतर्गत सामुदायिक खुदरा आउटलेट्स के रूप में भी कार्य करेंगे। इससे मध्य प्रदेश में महिला उद्यमिता को भरपूर प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ध्यान दिया गया है इसका लाभ मध्यप्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में उभरते सेमीकंडक्टर सेक्टर को बजट से सपोर्ट मिलेगा। वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफार्म से राज्य को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों का विकास किया जायेगा। शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5 हजार करोड़ खर्च किये जायेंगे। छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित होने से छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि हेल्थ केयर इकोसिस्टम पर विशेष जोर दिया गया है। जिला अस्पतालों को अपग्रेड किया जायेगा। जिससे बुजुर्गों के इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी। देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास का निर्माण करने की अनूठी पहल बजट में की गई है। भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की पहल से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी लाभ होगा। मध्य प्रदेश पर्यटन की संभावना से भरपूर राज्य है इसलिए केंद्रीय बजट में पर्यटन विकास संबंधी प्रस्ताव स्वागत योग्य है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड रखें जायेंगे, जिससे पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेगी।
देवडा ने कहा कि इनकम टैक्स में छोटे करदाताओं के लिये प्रक्रिया आसान होगी। राजकोषीय घाटे का 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि कुल 53 लाख 47 हजार करोड़ का बजट में पूंजीगत व्यय का अनुमान 12 लाख 21 हजार करोड़ रखा गया है। जी.डी.पी के लिये 393 लाख करोड़ का अनुमान रखा गया है जो विगत वर्ष की जी.डी.पी के अनुमान से 10 प्रतिशत अधिक है। इससे सभी राज्य जीडीपी में अपना योगदान बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
